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सोशल आडिट में मिला 9.63 लाख का घपला
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ज्ञानपुर। जिले के दो ब्लॉकों की 99 ग्रामसभाओं में सोशल ऑडिट के दौरान 9.63 लाख की घपलेबाजी सामने आई है। विकास कार्यों में 513 खामियां पाई गईं। ऑडिट टीम ने जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। क्रॉस चेकिंग के बाद संबंधित ग्राम प्रधानों और सेक्रेटरी पर कार्रवाई की जाएगी।
सरकार गांवों के विकास के लिए राज्य वित्त एवं चौदहवें वित्त से पैसा भेजती है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की तमाम मुहिम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारियों के आगे फेल हो जाती है। अफसर से लेकर कर्मियों के तालमेल से सरकारी धन के बंदरबाट करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाती। तय कमीशन के खेल में आम जन तक जरूरी सुविधाएं तक पहुंच नहीं पातीं। मनरेगा की सोशल ऑडिट टीम ने जांच की तो खामियां खुलकर सामने आईं। औराई ब्लॉक में 2017-18 और सुरियावां में 2016-17 की हुई ऑडिट के दौरान कुल नौ लाख 63 हजार 671 रुपये की अनियमिता सामने आई। मनरेगा सोशल ऑडिट के जिला समन्वयक अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि औराई के भैसहटा भवानीपुर समेत 51 गांवों की ऑडिट की गई। इसी तरह सुरियावां में पट्टीबेजाव, लालीपुर, मधुपट्टी समेत 48 गांवों की सोशल ऑडिट हुई। ऑडिट के दौरान प्रथम दृष्टया नौ लाख 63 हजार 671 रुपये की धांधली सामने आई है। जिला समन्वयक ने ऑडिट रिपोर्ट अफसरों को सौंप दी। मामला सामने आने के बाद ग्राम प्रधानों से लेकर मनरेगा कर्मियों में खलबली मची है। मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी पर दोषियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) कराया जाता है।सोशल ऑडिट के लिए गठित टीमें पूर्व सूचना देकर गांव में पहुंचती हैं और खुली बैठक में
क्या है सोशल ऑडिट
ज्ञानपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम की धारा 17 में सोशल ऑडिट की व्यवस्था की गई है। ऑडिट में मुख्य बिंदुओं में व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित करना, जन-सहभागिता बढ़ाना कार्य एवं निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना जनसामान्य को अधिकारों एवं हकदारी के बारे में जागरूक करना, कार्ययोजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन पर निगरानी रखना शामिल है।
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सरकार गांवों के विकास के लिए राज्य वित्त एवं चौदहवें वित्त से पैसा भेजती है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की तमाम मुहिम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारियों के आगे फेल हो जाती है। अफसर से लेकर कर्मियों के तालमेल से सरकारी धन के बंदरबाट करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाती। तय कमीशन के खेल में आम जन तक जरूरी सुविधाएं तक पहुंच नहीं पातीं। मनरेगा की सोशल ऑडिट टीम ने जांच की तो खामियां खुलकर सामने आईं। औराई ब्लॉक में 2017-18 और सुरियावां में 2016-17 की हुई ऑडिट के दौरान कुल नौ लाख 63 हजार 671 रुपये की अनियमिता सामने आई। मनरेगा सोशल ऑडिट के जिला समन्वयक अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि औराई के भैसहटा भवानीपुर समेत 51 गांवों की ऑडिट की गई। इसी तरह सुरियावां में पट्टीबेजाव, लालीपुर, मधुपट्टी समेत 48 गांवों की सोशल ऑडिट हुई। ऑडिट के दौरान प्रथम दृष्टया नौ लाख 63 हजार 671 रुपये की धांधली सामने आई है। जिला समन्वयक ने ऑडिट रिपोर्ट अफसरों को सौंप दी। मामला सामने आने के बाद ग्राम प्रधानों से लेकर मनरेगा कर्मियों में खलबली मची है। मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी पर दोषियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) कराया जाता है।सोशल ऑडिट के लिए गठित टीमें पूर्व सूचना देकर गांव में पहुंचती हैं और खुली बैठक में
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क्या है सोशल ऑडिट
ज्ञानपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम की धारा 17 में सोशल ऑडिट की व्यवस्था की गई है। ऑडिट में मुख्य बिंदुओं में व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित करना, जन-सहभागिता बढ़ाना कार्य एवं निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना जनसामान्य को अधिकारों एवं हकदारी के बारे में जागरूक करना, कार्ययोजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन पर निगरानी रखना शामिल है।
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