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875 शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति से मांगी सामूहिक इच्छामृत्यु

Wed, 16 Sep 2015 02:07 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही Updated Wed, 16 Sep 2015 02:07 AM IST
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875 Shicshamitron sought by President mass euthanasia
 शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति को संबोधित पत्रक प्रभारी जिलाधिकारी को सौंपा। जिसमें एनसीटीई के नियमों में संशोधन कराने या इच्छामृत्यु की अनुमति देने की मांग की।
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शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जिले भर के शिक्षामित्र मंगलवार दोपहर 11 बजे जिला मुख्यालय पर पहुंच गए। शिक्षामित्रों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार को बंद कर धरना दिया। शिक्षामित्रों ने कहा कि डेढ़ दशक की लड़ाई के बाद उनका समायोजन सहायक अध्यापक पद पर हुआ लेकिन एनसीटीई की मनमानी से शिक्षामित्रों का भविष्य अधर में लटक गया। शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रभारी जिलाधिकारी हरिलाल यादव को दिया। शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति को भेजे पत्रक में एनसीटीई में संशोधन कराकर उनका समायोजन कराने अन्यथा सभी 875 शिक्षामित्रों को सामूहिक इच्छामृत्यु देने की अनुमति दी जाए। शिक्षामित्रों ने कहा कि नौकरी जाने से प्रदेश भर में परेशान शिक्षामित्र फांसी आदि लगाकर जान दे रहे हैं। दोपहर बाद करीब एक बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. सत्य प्रकाश त्रिपाठी के समझाने पर शिक्षामित्रों ने धरना समाप्त किया। धरने में श्यामजी दूबे, शाहनवाज खां, क्रांतिमान शुक्ला, रश्मिकांत द्विवेदी, रवि उपाध्याय, प्रमोद पाठक, संजीव श्रीवास्तव, मंशाराम, सीमा उपाध्याय, अनुराधा मिश्रा, साधना चतुर्वेदी, कुसुम, राजीव मिश्रा, अनीता गुप्ता, विनोद सहित कई शिक्षामित्र रहे।
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