फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   डाक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला चिकित्सालय को डबल झटका

डाक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला चिकित्सालय को डबल झटका

Thu, 20 Dec 2018 10:31 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 20 Dec 2018 10:31 PM IST
विज्ञापन
डाक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला चिकित्सालय को डबल झटका

विज्ञापन
ज्ञानपुर। पहले से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला चिकित्सालय को एक और झटका मिलने से स्वास्थ्य सुविधाएं पटरी से उतरती जा रहीं हैं। एक सर्जन समेत पांच विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी के बावजूूद चिकित्सालय के तीन चिकित्सकों को माघ मेला में प्रयागराज भेज दिया गया है। इससे स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित होनी तय मानी जा रही हैं। वहीं विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विशेषज्ञ डाक्टरों की तैैनाती के लिए शासन स्तर पर कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक डाक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है।
महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय विगत कई सालों से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। इसमें एक सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, एक्सरे, पैथालॉजी, कार्डियो लाजिस्ट, रेडियो लाजिस्ट की जरूरत है। इनके आभाव में लाखों रुपये की अल्ट्रासाउंड मशीन पिछले कई साल से बेकार पड़ी है। चिकित्सालय में डाक्टरों की कमी को लेकर कई बार चिकित्सालय प्रशासन की ओर से शासन स्तर पर मांग की जा चुकी है। लेकिन, बार-बार आश्वासन के बावजूद अब तक डाक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है। वहीं डाक्टरों की कमी के बावजूूद चिकित्सालय से डॉ. एसपी सिंह, डॉ. वर्तिका और डॉ. अजरा खान को माघ मेला में दो महीने के लिए संबद्ध कर दिया गया है। इससे जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्था और बेपटरी हो गई। सीएमओ डॉ. धरमवीर प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में सारी सुविधाओं के बावजूद डाक्टरों की कमी से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में समस्या आ रही है। वहीं कमी के चलते अन्य डाक्टरों पर काम का दबाव बढ़ गया है।
विज्ञापन


अब यूएमएससी से अस्पताल में आएगी दवा
सरकारी अस्पतालों में दवा सप्लाई के लिए प्रदेश सरकार की ओर से यूएमएससी कार्पोरेशन का गठन किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी अस्पतालों में यूएमएससी से दवा भेजी जाएगी। चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. धरमवीर ने कहा कि इससे समय से दवा मिलने में समस्या हो सकती है। पहले विभाग के पास अलग से दवा मंगाने के लिए फंड उपलब्ध रहता था, जिससे जरूरत के अनुसार समय पर दवा मंगा ली जाती थी। कार्पोरेशन के जरिए दवा समय से मिल पाना संभव नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed