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डाक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला चिकित्सालय को डबल झटका
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ज्ञानपुर। पहले से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला चिकित्सालय को एक और झटका मिलने से स्वास्थ्य सुविधाएं पटरी से उतरती जा रहीं हैं। एक सर्जन समेत पांच विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी के बावजूूद चिकित्सालय के तीन चिकित्सकों को माघ मेला में प्रयागराज भेज दिया गया है। इससे स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित होनी तय मानी जा रही हैं। वहीं विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विशेषज्ञ डाक्टरों की तैैनाती के लिए शासन स्तर पर कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक डाक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है।
महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय विगत कई सालों से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। इसमें एक सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, एक्सरे, पैथालॉजी, कार्डियो लाजिस्ट, रेडियो लाजिस्ट की जरूरत है। इनके आभाव में लाखों रुपये की अल्ट्रासाउंड मशीन पिछले कई साल से बेकार पड़ी है। चिकित्सालय में डाक्टरों की कमी को लेकर कई बार चिकित्सालय प्रशासन की ओर से शासन स्तर पर मांग की जा चुकी है। लेकिन, बार-बार आश्वासन के बावजूद अब तक डाक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है। वहीं डाक्टरों की कमी के बावजूूद चिकित्सालय से डॉ. एसपी सिंह, डॉ. वर्तिका और डॉ. अजरा खान को माघ मेला में दो महीने के लिए संबद्ध कर दिया गया है। इससे जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्था और बेपटरी हो गई। सीएमओ डॉ. धरमवीर प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में सारी सुविधाओं के बावजूद डाक्टरों की कमी से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में समस्या आ रही है। वहीं कमी के चलते अन्य डाक्टरों पर काम का दबाव बढ़ गया है।
अब यूएमएससी से अस्पताल में आएगी दवा
सरकारी अस्पतालों में दवा सप्लाई के लिए प्रदेश सरकार की ओर से यूएमएससी कार्पोरेशन का गठन किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी अस्पतालों में यूएमएससी से दवा भेजी जाएगी। चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. धरमवीर ने कहा कि इससे समय से दवा मिलने में समस्या हो सकती है। पहले विभाग के पास अलग से दवा मंगाने के लिए फंड उपलब्ध रहता था, जिससे जरूरत के अनुसार समय पर दवा मंगा ली जाती थी। कार्पोरेशन के जरिए दवा समय से मिल पाना संभव नहीं है।
महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय विगत कई सालों से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। इसमें एक सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, एक्सरे, पैथालॉजी, कार्डियो लाजिस्ट, रेडियो लाजिस्ट की जरूरत है। इनके आभाव में लाखों रुपये की अल्ट्रासाउंड मशीन पिछले कई साल से बेकार पड़ी है। चिकित्सालय में डाक्टरों की कमी को लेकर कई बार चिकित्सालय प्रशासन की ओर से शासन स्तर पर मांग की जा चुकी है। लेकिन, बार-बार आश्वासन के बावजूद अब तक डाक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है। वहीं डाक्टरों की कमी के बावजूूद चिकित्सालय से डॉ. एसपी सिंह, डॉ. वर्तिका और डॉ. अजरा खान को माघ मेला में दो महीने के लिए संबद्ध कर दिया गया है। इससे जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्था और बेपटरी हो गई। सीएमओ डॉ. धरमवीर प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में सारी सुविधाओं के बावजूद डाक्टरों की कमी से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में समस्या आ रही है। वहीं कमी के चलते अन्य डाक्टरों पर काम का दबाव बढ़ गया है।
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अब यूएमएससी से अस्पताल में आएगी दवा
सरकारी अस्पतालों में दवा सप्लाई के लिए प्रदेश सरकार की ओर से यूएमएससी कार्पोरेशन का गठन किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी अस्पतालों में यूएमएससी से दवा भेजी जाएगी। चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. धरमवीर ने कहा कि इससे समय से दवा मिलने में समस्या हो सकती है। पहले विभाग के पास अलग से दवा मंगाने के लिए फंड उपलब्ध रहता था, जिससे जरूरत के अनुसार समय पर दवा मंगा ली जाती थी। कार्पोरेशन के जरिए दवा समय से मिल पाना संभव नहीं है।
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