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धू-धू कर जल गया बुराई का रावण

Sun, 21 Oct 2018 12:33 AM IST
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:33 AM IST
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धू-धू कर जल गया बुराई का रावण
ज्ञानपुर। विजयदशमी का पर्व शुक्रवार को जिले में धूमधाम से मनाया गया। दर्जनों स्थानों पर रावण के विशालकाय पुतले को दहन किया गया। इस दौरान कई जगह मेले का आयोजन भी किया गया। दशहरा मेला देखने के लिए देर रात तक नगर की सड़कें लोगों की भीड़ से पटी रहीं। लोग जय श्रीराम के जयकारे लगते रहे। ज्ञानपुर और गोपीगंज में 30 फीट का रावण दहन किया गया। असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक विजयदशमी धूमधाम से मनाया गया। मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने बाण चलाकर बुराई के प्रतीक लंकापति दशानन रावण का जैसे ही वध किया, समूचा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इस दौरान जमकर आतिशबाजी भी हुई। ज्ञानपुर, औराई, भदोही, नई बाजार, चौरी, सुरियावां, ऊंज, जंगीगंज समेत ग्रामीण अंचलों में रामलीला के अंतिम दिन शुक्रवार की दोपहर बाद मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और लंकापति रावण के बीच घनघोर युद्ध को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। राम का तीर नाभि में लगने से रावण धराशायी होकर धरती पर गिरा तो तालियों की गड़गड़ाहट के साथ ही हर तरफ श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। मृत्यु से पूर्व रावण ने बताया कि भगवान राम के हाथों मुक्ति पाने के लिए उसे रणभूमि में उतरना पड़ा। भगवान राम ने अपने अनुज लक्ष्मण को दशानन से राजकाज समेत विभिन्न पहलुओं पर आधारित नीति की शिक्षा लेने को भेज दिया। रावण वध होने के बाद हर तरफ जय श्रीराम के जयकारे लगने लगे। जंगीगंज के सेमराध, सोनैचा में विजयदशमी के मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मेला सकुशल संपन्न होने पर सेमराध ग्राम प्रधान रामबली सिंह और सोनैचा रामलीला समिति से अध्यक्ष राजेश पांडेय, ग्राम प्रधान विनोद पांडेय ने आभार जताया। मेले में बच्चों ने चाट, फुल्की, जलेबी, समोसा समेत अन्य व्यंजनों का स्वाद लेने संग झूले का आनंद लिया तो महिलाओं ने घरेलू एवं शृंगार के सामानों की खरीदारी की। गोपीगंज संवाददाता के अनुसार, नवयुवक दल और बघेल परिवार की ओर से रावण का रथ खड़हटी मुहाल से अपने दल बल के साथ मंदिर बाबा कबूतर नाथ पहुंचा। यहां से लंकापति रावण अपनी सेना के साथ अंजही मोहाल, सदर मोहाल, जीटी रोड होते हुए रामलीला मैदान पहुंचा, जहां भगवान श्री राम के साथ युद्ध हुआ। रावण के वध के बाद पुतले में आग लगते ही जय श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। सुरक्षा के मद्देनजर छोटे और बड़े मेले में पुलिसकर्मी और होमगार्ड तैनात रहे। दशहरा का मेला देखने के लिए ज्ञानपुर, गोपीगंज और भदोही नगर की सड़कों पर देर रात तक रेला चलता रहा। कई सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई। वहीं, महराजगंज बाजार में विजयदशमी का मेला पूर्व के वर्षों के सापेक्ष फीका रहा। सिक्सलेन निर्माण, नाले की खुदाई के चलते आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। इसके अलावा मेलास्थल पर जगह कम होने से लोग पहुंच नहीं सके। बाहर से आए दुकानदार निराश एवं उदास दिखे।
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