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80 टेबलों पर होगा मूल्यांकन
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ज्ञानपुर। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में सात मार्च से शुरू हो रहे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का मूल्यांकन 80 टेबलों पर की जाएगी। इसके लिए 694 परीक्षकों की सूची बोर्ड से आ गई है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कुल एक लाख 73 हजार कापियां जांची जाएगी। बुधवार से कापियों की आमद मूल्यांकन केंद्र पर होने लगेगी।
करीब एक महीने तक चली यूपी बोर्ड परीक्षा के बाद मूल्यांकन की तैयारी तेज हो गई है। इस बार परीक्षा खत्म होने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग को कम समय मिला है। पांच दिन के अंदर सात मार्च से ही मूल्यांकन शुरू कर दिया जाएगा। मंगलवार को बोर्ड की ओर से परीक्षकों की सूची आने के बाद उप नियंत्रक की ओर से टेबलों का निर्धारण कर दिया गया। हाईस्कूल की 92 हजार 261 कापियों को जांचने के लिए 45 टेबल और 427 परीक्षक लगाए गए हैं जबकि इंटरमीडिएट की 81 हजार कापियां 35 टेबलो पर जांची जाएगी। इसके लिए 267 परीक्षक नियुक्त हैं।
उप नियंत्रक प्रेमचंद्र यादव ने कहा कि सात मार्च को मूल्यांकन का प्रशिक्षण होगा, जबकि आठ मार्च से विधिवत ढंग से कापियां जांची जानी शुरू होगी। बताते चलें कि पूर्व के वर्षों के सापेक्ष इस बार कापियों की संख्या काफी घट गई है। पूर्व में ढाई से तीन लाख कापियां जांचने के लिए आती थीं जो अब पौने दो लाख रह गई है। उप नियंत्रक की माने तो एक-एक प्रश्नपत्र होने से कापियों की संख्या घट गई है। उन्होंने बताया कि जिले की कापियां जांचने के लिए भेजी जा रही है जबकि यहां पर कापियों की आमद बुधवार से शुरू हो जाएगी।
करीब एक महीने तक चली यूपी बोर्ड परीक्षा के बाद मूल्यांकन की तैयारी तेज हो गई है। इस बार परीक्षा खत्म होने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग को कम समय मिला है। पांच दिन के अंदर सात मार्च से ही मूल्यांकन शुरू कर दिया जाएगा। मंगलवार को बोर्ड की ओर से परीक्षकों की सूची आने के बाद उप नियंत्रक की ओर से टेबलों का निर्धारण कर दिया गया। हाईस्कूल की 92 हजार 261 कापियों को जांचने के लिए 45 टेबल और 427 परीक्षक लगाए गए हैं जबकि इंटरमीडिएट की 81 हजार कापियां 35 टेबलो पर जांची जाएगी। इसके लिए 267 परीक्षक नियुक्त हैं।
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उप नियंत्रक प्रेमचंद्र यादव ने कहा कि सात मार्च को मूल्यांकन का प्रशिक्षण होगा, जबकि आठ मार्च से विधिवत ढंग से कापियां जांची जानी शुरू होगी। बताते चलें कि पूर्व के वर्षों के सापेक्ष इस बार कापियों की संख्या काफी घट गई है। पूर्व में ढाई से तीन लाख कापियां जांचने के लिए आती थीं जो अब पौने दो लाख रह गई है। उप नियंत्रक की माने तो एक-एक प्रश्नपत्र होने से कापियों की संख्या घट गई है। उन्होंने बताया कि जिले की कापियां जांचने के लिए भेजी जा रही है जबकि यहां पर कापियों की आमद बुधवार से शुरू हो जाएगी।
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