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अतिक्रमण से महत्व खो रहा पक्का तालाब
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औराई। तहसील मुख्यालय से दो किलोमीटर दूर, औराई चौराहे के बगल नरथुआं गांव स्थित प्राचीन पक्का तालाब अतिक्रमण और गंदगी से अपना महत्व खोता जा रहा है। जबकि पूर्वी छोर स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर, पश्चिमी छोर पर चौरा माता मंदरिकी दुर्गंधयुक्त मलबे महिमा खंडित कर श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन करने में बाधक साबित हो रहे हैं। कई बार शिकायत के बाद भी तहसील प्रशासन अतिक्रमण हटाने में नाकाम रहा है।
एक ओर जहां शासन सार्वजनिक जलाशयों को संवारने के लिए अभियान चलाकर अतिक्रमण से छुटकारा दिलाने, स्वच्छता के प्रति गंभीरता दिखाता है, वहीं अधिकारी कई मामलों में लापरवाही दिखा देते हैं। उच्च न्यायालय ने सख्त आदेश के बाद भी जलाशयों, पोखरों, तालाबों पर अतिक्रमण नहीं हट पा रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि एक दशक पहले तालाब के स्वच्छ पानी में औराई बाजार, आसपास के लोग स्नान करने के बाद मंदिरों में पहुंचकर पूजा-पाठ करते थे। वर्तमान समय में स्थिति यह हो गई है कि लोग तालाब के गंदे पानी की ओर देखना भी नहीं चाहते। अतिक्रमण के चलते पहुंच पाना भी मुश्किल बना हुआ है। बताया गया कि तहसील प्रशासन को बार-बार सूचित कर तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन अपने ही रवैये पर अडिग है।
एक ओर जहां शासन सार्वजनिक जलाशयों को संवारने के लिए अभियान चलाकर अतिक्रमण से छुटकारा दिलाने, स्वच्छता के प्रति गंभीरता दिखाता है, वहीं अधिकारी कई मामलों में लापरवाही दिखा देते हैं। उच्च न्यायालय ने सख्त आदेश के बाद भी जलाशयों, पोखरों, तालाबों पर अतिक्रमण नहीं हट पा रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि एक दशक पहले तालाब के स्वच्छ पानी में औराई बाजार, आसपास के लोग स्नान करने के बाद मंदिरों में पहुंचकर पूजा-पाठ करते थे। वर्तमान समय में स्थिति यह हो गई है कि लोग तालाब के गंदे पानी की ओर देखना भी नहीं चाहते। अतिक्रमण के चलते पहुंच पाना भी मुश्किल बना हुआ है। बताया गया कि तहसील प्रशासन को बार-बार सूचित कर तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन अपने ही रवैये पर अडिग है।
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