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बसंत पंचमी पर पूजी गई वाग्यदेवी
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ज्ञानपुर/ गोपीगंज। वसंत पंचमी को लेकर शनिवार को जिले में कई जगहों पर मां सरस्वती की पूजा अर्चना शुरू की गई। विधि विधान पूर्वक पूजन के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। सभी ने मां सरस्वती को नमन कर विद्या प्रवाह की कामना की।
ज्ञानपुर नगर के हास्टल चौराहे के पास आर्यभट्ट छात्रावास स्थित मां सरस्वती मंदिर में अखंड सरस्वती पूजा का शुभारंभ हुआ। मंदिर पर सुबह सात बजे छात्रों की ओर से वसंत पंचमी को लेकर सरस्वती पूजा शुरू की गई है। वसंत पंचमी के अवसर पर रविवार को दोपहर एक बजे पूजा समापन के बाद विधि विधान के साथ हवन पूजन किया जाएगा। जिसके उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। इस मौके पर आयोजक हरीश तिवारी, प्रभाकर, शिवम, प्रदीप, राकेश आदि मौजूद रहे।
इसी प्रकार गोपीगंज नगर में बसंत पंचमी के एक दिन पूर्व मां सरस्वती की पूजा अर्चना की गई। 10 फरवरी रविवार को वसंत पंचमी की तैयारी में जिले की कई मंदिरों में पूजा अर्चन हुई। वसंत पंचमी के महत्व और पर्व के बारे में पं. दीनानाथ शुक्ल ने बताया की माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि अर्थात नौ फरवरी शनिवार को दोपहर 12:28 पर शुरू होकर रविवार 10 फरवरी को दोपहर 2:10 मिनट पर वसंत पंचमी का पर्व समाप्त होगा। इस दौरान उन्होंने कहा की मां सरस्वती विद्या, बुद्धि, और ज्ञान, विज्ञान की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं। जिसके शुभ अवसर पर भगवान श्रीगणेश विष्णु भगवान के साथ मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है। जिसमें समस्त दैनिक कृत्यों से निवृत्त होकर अपने इष्ट देवी देवताओं की पूजा अर्चना के पश्चात बसंत पंचमी व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
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ज्ञानपुर नगर के हास्टल चौराहे के पास आर्यभट्ट छात्रावास स्थित मां सरस्वती मंदिर में अखंड सरस्वती पूजा का शुभारंभ हुआ। मंदिर पर सुबह सात बजे छात्रों की ओर से वसंत पंचमी को लेकर सरस्वती पूजा शुरू की गई है। वसंत पंचमी के अवसर पर रविवार को दोपहर एक बजे पूजा समापन के बाद विधि विधान के साथ हवन पूजन किया जाएगा। जिसके उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। इस मौके पर आयोजक हरीश तिवारी, प्रभाकर, शिवम, प्रदीप, राकेश आदि मौजूद रहे।
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इसी प्रकार गोपीगंज नगर में बसंत पंचमी के एक दिन पूर्व मां सरस्वती की पूजा अर्चना की गई। 10 फरवरी रविवार को वसंत पंचमी की तैयारी में जिले की कई मंदिरों में पूजा अर्चन हुई। वसंत पंचमी के महत्व और पर्व के बारे में पं. दीनानाथ शुक्ल ने बताया की माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि अर्थात नौ फरवरी शनिवार को दोपहर 12:28 पर शुरू होकर रविवार 10 फरवरी को दोपहर 2:10 मिनट पर वसंत पंचमी का पर्व समाप्त होगा। इस दौरान उन्होंने कहा की मां सरस्वती विद्या, बुद्धि, और ज्ञान, विज्ञान की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं। जिसके शुभ अवसर पर भगवान श्रीगणेश विष्णु भगवान के साथ मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है। जिसमें समस्त दैनिक कृत्यों से निवृत्त होकर अपने इष्ट देवी देवताओं की पूजा अर्चना के पश्चात बसंत पंचमी व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
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