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सेमरा के ग्रामप्रधान पर जालसाजी का केस
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:26 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। तालाब की जमीन पर गलत तरीके से 14 लोगों को पट्टा देने के मामले में सेमरा के ग्राम प्रधान पर शिकंजा कस गया है। दुर्गागंज थाने में मंगलवार को ग्राम प्रधान के खिलाफ जालसाजी समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। माह भर पूर्व इस पट्टे को प्रशासन ने निरस्त कर दिया था।
तालाब, चारागाह और सरकारी जमीनों से अवैध कब्जा हटाने के लिए शासन और प्रशासन भले ही तमाम दावे करे लेकिन हकीकत इससे इतर है। हलका लेखपालों, कानूनगो, तहसीलदारों की कृपा से व्यापक स्तर पर धांधली की जाती है। तालाब को कृषि योग्य भूमि तो चारागाह को परती दिखा दिया जाता है। अभोली विकास खंड के हरिकरनपुर सेमरा गांव में 1996 में कुछ साल पूर्व ग्राम प्रधान मेवालाल ने 14 लोगों को पट्टा किया था। माह भर पूर्व ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम भदोही ने तहसीलदार से मामले की जांच कराई। जांच के दौरान पाया गया कि गाटा संख्या 431 का रकबा 1.594 हेक्टेयर राजस्व अभिलेख में तालाब दर्ज है। एसडीएम भदोही ने पट्टे को निरस्त करते हुए विधिक कार्रवाई का निर्देश दिया था। मंगलवार को दुर्गागंज थाने में ग्रामप्रधान के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सेमरा ही इकलौता गांव नहीं है, जहां प्रधान की कृपा से तालाब का ही पट्टा कर दिया गया। जिले के कई और गांव ऐसे हैं, जहां तालाबों का ही पट्टा कर दिया गया है। प्रशासनिक स्तर से जांच की गई तो कई पट्टे निरस्त हो सकते हैं।
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तालाब, चारागाह और सरकारी जमीनों से अवैध कब्जा हटाने के लिए शासन और प्रशासन भले ही तमाम दावे करे लेकिन हकीकत इससे इतर है। हलका लेखपालों, कानूनगो, तहसीलदारों की कृपा से व्यापक स्तर पर धांधली की जाती है। तालाब को कृषि योग्य भूमि तो चारागाह को परती दिखा दिया जाता है। अभोली विकास खंड के हरिकरनपुर सेमरा गांव में 1996 में कुछ साल पूर्व ग्राम प्रधान मेवालाल ने 14 लोगों को पट्टा किया था। माह भर पूर्व ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम भदोही ने तहसीलदार से मामले की जांच कराई। जांच के दौरान पाया गया कि गाटा संख्या 431 का रकबा 1.594 हेक्टेयर राजस्व अभिलेख में तालाब दर्ज है। एसडीएम भदोही ने पट्टे को निरस्त करते हुए विधिक कार्रवाई का निर्देश दिया था। मंगलवार को दुर्गागंज थाने में ग्रामप्रधान के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सेमरा ही इकलौता गांव नहीं है, जहां प्रधान की कृपा से तालाब का ही पट्टा कर दिया गया। जिले के कई और गांव ऐसे हैं, जहां तालाबों का ही पट्टा कर दिया गया है। प्रशासनिक स्तर से जांच की गई तो कई पट्टे निरस्त हो सकते हैं।
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