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नहीं बन सका डिवाइडर,मौतों का सिलसिला जारी
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चौरी। बुधवार की देर रात मानिकपुर निवासी इरफान अंसारी की सड़क हादसे में हुई मौत ने लोगों को जहां झकझोर कर रख दिया तो वहीं बाबतपुर-भदोही फोरलेन सड़क पर डिवाइडर का अभाव अखर रहा है। लोगों का कहना है कि डिवाइडर समय की मांग है।
पूर्व की सपा सरकार में ड्रीम प्रोजक्ट में शामिल होकर सड़क को अमलीजामा पहना तो दिया गया, लेकिन कार्यदाई संस्था ने दुर्घटनाओं को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को अधर में छोड़ दिया गया, जिसका खामियाजा लोगों को आए दिन जीवन और मौत के बीच का सामना करना दिनचर्या में शामि ल होती जा रही है। इसकी पहचान भी मोरवा पुल और कंधिया फाटक से चौरी बाजार, मानिकपुर आदि स्थल बन रहे हैं। शासन-प्रशासन की उदासीनतापूर्ण कार्यप्रणाली के कारण अब तक पांच दर्जन से अधिक दुर्घटनाओं में शामि ल होकर परि वार का जीवन अधर डाल दिया गया और न जाने कि तने बाइक, साइकिल सवार, पैदल व सड़क पार करने वाले अस्पताल में पहुंच अधमरे जीवन बीताने को मजबूर हैं। बार-बार लोक नि र्माण वि भाग का ध्यान आकृष्ट कराए जाने के बाद भी डिवाइडर और स्पीड ब्रेकर, संकेतक न बनवाया जाना लोगों के आक्रोश को बढ़ाता जा रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना रहा कि अविलंब इस ओर कोई ठोस पहल न की गई तो लोग मुख्यालय पहुंच कर सड़क पर उतरने को बाध्य भी होंगे।
पूर्व की सपा सरकार में ड्रीम प्रोजक्ट में शामिल होकर सड़क को अमलीजामा पहना तो दिया गया, लेकिन कार्यदाई संस्था ने दुर्घटनाओं को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को अधर में छोड़ दिया गया, जिसका खामियाजा लोगों को आए दिन जीवन और मौत के बीच का सामना करना दिनचर्या में शामि ल होती जा रही है। इसकी पहचान भी मोरवा पुल और कंधिया फाटक से चौरी बाजार, मानिकपुर आदि स्थल बन रहे हैं। शासन-प्रशासन की उदासीनतापूर्ण कार्यप्रणाली के कारण अब तक पांच दर्जन से अधिक दुर्घटनाओं में शामि ल होकर परि वार का जीवन अधर डाल दिया गया और न जाने कि तने बाइक, साइकिल सवार, पैदल व सड़क पार करने वाले अस्पताल में पहुंच अधमरे जीवन बीताने को मजबूर हैं। बार-बार लोक नि र्माण वि भाग का ध्यान आकृष्ट कराए जाने के बाद भी डिवाइडर और स्पीड ब्रेकर, संकेतक न बनवाया जाना लोगों के आक्रोश को बढ़ाता जा रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना रहा कि अविलंब इस ओर कोई ठोस पहल न की गई तो लोग मुख्यालय पहुंच कर सड़क पर उतरने को बाध्य भी होंगे।
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