{"_id":"5c2baa32bdec2256ba1d86d0","slug":"61546365490-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहरों में आया पानी, गदगद हुए किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहरों में आया पानी, गदगद हुए किसान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सीतामढ़ी। नए वर्ष के पहले दिन मंगलवार को ज्ञानपुर पंप नहर परियोजना से नहरों में पानी छोड़ दिया गया है। इससे किसानों के चेहरों रपर कुछ रौनक दिखी है, हालांकि अब भी पूरी क्षमता से पानी नहीं छोड़ा गया है। पानी आने से किसान दूसरी और तीसरी सिंचाई नहरों से आ रहे पानी से कर सकेंगे।
गेहूं की बुवाई और सिंचाई के लिए किसान पानी के लिए बेहाल थे। नहर विभाग की ओर से रोस्टर और साफ- सफाई के नाम पर नहरों में पानी नही छोड़ा जा रहा था। किसानों का कहना है कि गेहूं की बुवाई का समय बीत जाने के बाद अब नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि अभी पानी पूरी क्षमता से नही आने से नहरो की तलहटी में ही दिख रहा है। किसानों की मांग है कि नहरों में पूरी क्षमता से पानी छोड़ा जाए, ताकि गेहूं की पिछैती खेती की जा सके। उधर किसानों का आरोप है कि विभाग नहरों की सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की है। बारीपुर माइनर घास फूस खरपतवार आदि झाड़ियोँ से पटी है, लेकिन विभाग कही भी सफाई नही करा सका। क्षेत्र के किसानों जगदीप शुक्ल, सरकार शुक्ल, शिवपूजन शुक्ल आदि ने नहरों में पूरी क्षमता से पानी छोड़ने की मांग की है।
गेहूं की बुवाई और सिंचाई के लिए किसान पानी के लिए बेहाल थे। नहर विभाग की ओर से रोस्टर और साफ- सफाई के नाम पर नहरों में पानी नही छोड़ा जा रहा था। किसानों का कहना है कि गेहूं की बुवाई का समय बीत जाने के बाद अब नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि अभी पानी पूरी क्षमता से नही आने से नहरो की तलहटी में ही दिख रहा है। किसानों की मांग है कि नहरों में पूरी क्षमता से पानी छोड़ा जाए, ताकि गेहूं की पिछैती खेती की जा सके। उधर किसानों का आरोप है कि विभाग नहरों की सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की है। बारीपुर माइनर घास फूस खरपतवार आदि झाड़ियोँ से पटी है, लेकिन विभाग कही भी सफाई नही करा सका। क्षेत्र के किसानों जगदीप शुक्ल, सरकार शुक्ल, शिवपूजन शुक्ल आदि ने नहरों में पूरी क्षमता से पानी छोड़ने की मांग की है।
विज्ञापन