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1 अक्टूबर से टीडीएस वसूली अनिवार्य
Updated Sat, 22 Sep 2018 01:33 AM IST
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भदोही। समस्त सरकारी विभागों पर एक अक्तूबर से स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) अनिवार्य रूप से लागू हो जाएगी। संबंधित विभाग से किसी कांट्रैक्टर को यदि वार्षिक ढाई लाख या इससे अधिक का भुगतान होता है तो उस पर टीडीएस काटना जरूरी हो जाएगा। विभागों को ऑनलाइन चालान के माध्यम से अथवा जीएसटी पोर्टल पर सीजीएसटी या एसजीएसटी मद में जमा कर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया मासिक होगी।
असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर संजय कुमार सिंह ने सरकार से जारी परिपत्र के हवाले से बताया कि एक अक्तूबर से इसका पालन अनिवार्य हो जाएगा। बताया कि कांट्रैक्टरों को वार्षिक ढाई लाख से अधिक का भुगतान करने पर विभागों को दो प्रतिशत की दर से टीडीएस कटौती करनी होगी। जिसे सीपीआईएन अथवा चालान के माध्यम से जीएसटी पोर्टल पर जमा करेंगे। इसके अलावा जीएसटी पोर्टल पर मासिक रिटर्न जीएसटीआर-7 भरेंगे।
असिस्टेंट कमिश्नर ने बताया कि विभागों का जीएसटी में पंजीकरण नहीं है, का बहाना नहीं चलेगा। जिन विभागों का जीएसटी में पंजीकरण नहीं है, उनके लिए 17 सितंबर से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यदि इस संबंध में किसी विभाग को किसी प्रकार का सहयोग चाहिए तो वे वाणिज्य कर कार्यालय में आकर प्राप्त कर सकते हैं। इतना ही नहीं यदि विभाग इसमें ढिलाई करते हैं तो संबंधित विभाग पर ब्याज, विलंब शुल्क, अर्थ दंड लग सकता है। इसकी जिम्मेदारी उनकी होगी।
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असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर संजय कुमार सिंह ने सरकार से जारी परिपत्र के हवाले से बताया कि एक अक्तूबर से इसका पालन अनिवार्य हो जाएगा। बताया कि कांट्रैक्टरों को वार्षिक ढाई लाख से अधिक का भुगतान करने पर विभागों को दो प्रतिशत की दर से टीडीएस कटौती करनी होगी। जिसे सीपीआईएन अथवा चालान के माध्यम से जीएसटी पोर्टल पर जमा करेंगे। इसके अलावा जीएसटी पोर्टल पर मासिक रिटर्न जीएसटीआर-7 भरेंगे।
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असिस्टेंट कमिश्नर ने बताया कि विभागों का जीएसटी में पंजीकरण नहीं है, का बहाना नहीं चलेगा। जिन विभागों का जीएसटी में पंजीकरण नहीं है, उनके लिए 17 सितंबर से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यदि इस संबंध में किसी विभाग को किसी प्रकार का सहयोग चाहिए तो वे वाणिज्य कर कार्यालय में आकर प्राप्त कर सकते हैं। इतना ही नहीं यदि विभाग इसमें ढिलाई करते हैं तो संबंधित विभाग पर ब्याज, विलंब शुल्क, अर्थ दंड लग सकता है। इसकी जिम्मेदारी उनकी होगी।
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