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कालीन भवन में कार्यशाला (दो खबरें)

Sun, 09 Dec 2018 12:15 AM IST
Updated Sun, 09 Dec 2018 12:15 AM IST
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कालीन भवन में कार्यशाला (दो खबरें)
भदोही। सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि कालीन उद्योग को खादी ग्रामोद्योग जैसी सुविधाएं दिलाने के लिए वह प्रयासरत हैं। केंद्र सरकार चाहती है कि कालीन उद्यमी दूसरे टेक्सटाइल वस्तुओं का भी उत्पादन करें। टेक्सटाइल वह क्षेत्र है, जिसमें रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं और इस बात को प्रधानमंत्री समझते हैं। वे शनिवार की दोपहर कालीन भवन में कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी), ऑल इंडिया कारपेट मनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा), फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट्स आर्गनाइजेशंस (फियो) और संयुक्त निदेशक विदेश व्यापार वाराणसी के तत्वावधान में टाउन ऑफ एक्सपोर्ट एक्सीलेंस विषय पर कार्यशाला में बोल रहे थे।
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सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने आगामी दो वर्षों में भारतीय कालीन निर्यात 25 सौ करोड़ पहुंचाने के लिए संकल्पित है। प्रधानमंत्री उसी नजरिए से आगे बढ़ रहे हैं। संयोग से उनका संसदीय क्षेत्र वाराणसी ही है। इसलिए यह पूर्वांचल के उद्यमियों के लिए लाभकारी है। उन्होंने कहा कि भदोही को टाऊन ऑफ एक्सपोर्ट एक्सीलेंस शहर घोषित करना, उसी सोच का एक हिस्सा हो सकता है। उन्होंने उद्यमियों से कहा कि यह आपके लिए स्वर्णिम अवसर है इसका लाभ उठाना आपके हाथ में है।
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फियो के संयोजक अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि एक्सपोर्ट एक्सीलेेंस शहर का मतलब हर क्षेत्र में भदोही को प्राथमिकता। इसलिए एकमा और सीईपीसी मिलकर इसका लाभ उठाने का प्रयास करें। इसके अंतर्गत आपको उद्योग के लिए योजनाओं से लेकर शहर के ढांचागत विकास और दूसरी समस्याओं का समाधान चुटकी बजा के हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आप लोग कितना लाभ उठा सकते हैं। यह यहां के जिलाधिकारी पर काफी कुछ निर्भर करेगा। उन्होंने उद्यमियों से यह भी कहा कि भदोही के विकास के लिए किसी पेशेवर व्यक्ति से विस्तृत परियोजना बनाकर केंद्र सरकार को भेजें ताकि उस पर जल्द कोई निर्णय लें।
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सीईपीसी के उपाध्यक्ष, सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान में मशीन का युग है। हस्तनिर्मित कालीनों के मुकाबले मशीन मेड कालीनों का उत्पादन देश में तेजी से बढ़ रहा है। कहा कि कुछ लोग मशीन मेड की आंड़ में हस्तनिर्मित कालीनों को लगातार बदनाम करने में लगे हैं। इससे कालीन उद्यमियों को सतर्क रहने का आह्वान किया। अध्यक्षता ओएन मिश्रा ने की और संचालन शाहिद हुसैन और रवि पाटोदिया ने किया। एडीएम राम सिंह वर्मा, संयुक्त आयुक्त उद्योग विंध्याचल मंडल, विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी, उपमहानिदेशक अमित कुमार, ईस्टर्न यूपी एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन यूपिया के कोषाध्यक्ष जोनैद अहमद ने भी संबोधित किया। कार्यशाला में हाजी अब्दुल हादी, राजाराम गुप्ता, कमरुद्दीन अंसारी, अशफाक अंसारी, मकसूद अंसारी, इस्तियाक खां, यादवेंद्र कुमार राय, पियूष बरनवाल, एचएन मौर्य, हाजी अब्दुल बारी, सैय्याज अंसारी, शिवसागर तिवारी, इम्तियाज अंसारी, अरशद वजीरी, शाहिद जमाल, जेपी गुप्ता, हाजी अब्दुल सत्तार, हसीब खां, सुजीत जायसवाल, दिलीप गुप्ता आदि रहे।
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