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आईडी बदलकर आवंटित किया प्रधानमंत्री आवास
Updated Thu, 22 Feb 2018 12:28 AM IST
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ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास आवंटन में धांधली रूकने का नाम नहीं ले रही है। सुरियावां के पूरेखुशहाल गांव में ऐसा ही एक मामला आया है। यहां पर आईडी ही बदलकर आवास का आवंटन कर दिया गया। जांच में मामले का खुलासा हुआ तो खलबली मच गई। सीडीओ ने प्रकरण में सेक्रेटरी और लेखाकार पर कार्रवाई और एक लाख 20 हजार के रिकवरी का निर्देश दिया।
गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की गई है। इस योजना में लाभार्थियों को तीन चरणों में एक लाख 20 हजार रुपये दिया जाता है। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी विशाख जी से लेकर सीडीओ हरिशंकर सिंह ने कई दिशा-निर्देश जारी किया। करीब छह माह के दौरान 500 से अधिक अपात्रों से दो करोड़ की रिकवरी भी की जा चुकी है। ताजा मामला सुरियावां ब्लॉक के पूरेखुशहाल गांव में आया। गांव निवासी छोटई मुसहर ने 15 जनवरी को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत किया था कि गांव में आवास आवंटन में धांधली की गई। डीएम के निर्देश पर परियोजना अधिकारी डीडीआरडीए आरएन सिंह ने जांच की तो बिंदू पुत्र प्रसाद को गलत आईडी के माध्यम से आवास आवंटित किया मिला जबकि यह आईडी दूसरे की थी। इसमें ब्लॉक के कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई। वित्तीय अनियमितता के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी ओम काजी श्रेष्ठ और लेखाकार कृपाशंकर दूबे को पूर्ण रूप से दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने सेक्रेटरी और लेखाकार के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। एक लाख 20 हजार का रिकवरी कराने के लिए बीडीओ को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की होगी।
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गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की गई है। इस योजना में लाभार्थियों को तीन चरणों में एक लाख 20 हजार रुपये दिया जाता है। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी विशाख जी से लेकर सीडीओ हरिशंकर सिंह ने कई दिशा-निर्देश जारी किया। करीब छह माह के दौरान 500 से अधिक अपात्रों से दो करोड़ की रिकवरी भी की जा चुकी है। ताजा मामला सुरियावां ब्लॉक के पूरेखुशहाल गांव में आया। गांव निवासी छोटई मुसहर ने 15 जनवरी को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत किया था कि गांव में आवास आवंटन में धांधली की गई। डीएम के निर्देश पर परियोजना अधिकारी डीडीआरडीए आरएन सिंह ने जांच की तो बिंदू पुत्र प्रसाद को गलत आईडी के माध्यम से आवास आवंटित किया मिला जबकि यह आईडी दूसरे की थी। इसमें ब्लॉक के कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई। वित्तीय अनियमितता के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी ओम काजी श्रेष्ठ और लेखाकार कृपाशंकर दूबे को पूर्ण रूप से दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने सेक्रेटरी और लेखाकार के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। एक लाख 20 हजार का रिकवरी कराने के लिए बीडीओ को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की होगी।
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