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Bhadohi News: खटारा मिले 42 ई-रिक्शा सीज 1900 का किया गया सत्यापन
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ज्ञानपुर। अप्रैल में चले ई-रिक्शा सत्यापन अभियान के दौरान 42 ई-रिक्शा को सीज कर दिया गया है। पुलिस व यातायात विभाग की संयुक्त टीम ने एक माह में 1900 ई-रिक्शा का सत्यापन कर न सिर्फ उनका रजिस्ट्रेशन चेक किया, बल्कि उनके अपराधिक इतिहास को भी खंगाला।
एक माह में 231 ई-रिक्शा का चालान हुआ। विभाग का सख्त आदेश है कि सत्यापन के बाद भी अगर मानकों की अनदेखी मिली तो आगे भी कार्रवाई होगी।
जिले में ई-रिक्शा को लेकर अक्सर सवाल खड़े होते रहते हैं। कभी नाबालिगों के हाथ में ई-रिक्शा की कमान दुर्घटना के कारण बनते हैं तो कभी आड़े तिरछे खड़े वाहन जाम का सबब बन जाते हैं। अप्रैल में यातायात व पुलिस विभाग की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया।
इस अभियान के दौरान टीम ने 1900 ई-रिक्शा का सत्यापन किया। इसमें उनका रजिस्ट्रेशन चेक करने के साथ-साथ चालकों का अपराधिक इतिहास भी खंगाला।
हालांकि, इस दौरान किसी भी चालक का अपराधिक इतिहास नहीं मिला। यातायात व पुलिस की संयुक्त टीम के अभियान का असर है कि अब सड़कों पर नाबालिग ई-रिक्शा चालक न के बराबर हैं।
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यातायात प्रभारी अनिल सिंह ने बताया कि एक महीने तक चले अभियान में सख्ती बरती गई है। जिसका असर अब सड़कों पर दिख रहा है।
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एक माह में 231 ई-रिक्शा का चालान हुआ। विभाग का सख्त आदेश है कि सत्यापन के बाद भी अगर मानकों की अनदेखी मिली तो आगे भी कार्रवाई होगी।
जिले में ई-रिक्शा को लेकर अक्सर सवाल खड़े होते रहते हैं। कभी नाबालिगों के हाथ में ई-रिक्शा की कमान दुर्घटना के कारण बनते हैं तो कभी आड़े तिरछे खड़े वाहन जाम का सबब बन जाते हैं। अप्रैल में यातायात व पुलिस विभाग की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया।
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इस अभियान के दौरान टीम ने 1900 ई-रिक्शा का सत्यापन किया। इसमें उनका रजिस्ट्रेशन चेक करने के साथ-साथ चालकों का अपराधिक इतिहास भी खंगाला।
हालांकि, इस दौरान किसी भी चालक का अपराधिक इतिहास नहीं मिला। यातायात व पुलिस की संयुक्त टीम के अभियान का असर है कि अब सड़कों पर नाबालिग ई-रिक्शा चालक न के बराबर हैं।
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यातायात प्रभारी अनिल सिंह ने बताया कि एक महीने तक चले अभियान में सख्ती बरती गई है। जिसका असर अब सड़कों पर दिख रहा है।