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दो दिवसीय पूर्वांचल फिजियोकान-201
Updated Sun, 02 Dec 2018 12:33 AM IST
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भदोही। सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि फिजियोथिरैपी को पूरी विश्व में मान्यता प्राप्त है। यह सिद्ध हो चुका है कई रोगों में यह अत्यंत असरकारी है। लेकिन बावजूद इसके देखा जा रहा है कि बहुत कम लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। वे शनिवार को भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) में आयोजित पूर्वांचल फिजियोकान-2018 का शुभारंभ करने के बाद बोल रहे थे। प्रथम दिन आए विशेषज्ञ फिजियोथिरैपिस्टों ने इसकी महत्व और विभिन्न रोगों में इसके असर पर विस्तार से रोशनी डाली।
सांसद ने दीप प्रज्जवलित करने के बाद कहा कि फिजियोथिरैपी का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ज्यों ज्यों मरीज इसके लाभ के बारे में समझ पा रहे हैं इसके प्रति लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। कहा कि यह कार्यक्रम भदोही और आसपास के जनपदों के लोगों को फिजियोथिरैपी के बारे में व्याप्त भ्रांतियों को कम करेगा। प्रथम दिन अलग अलग सत्रों में चेन्नई से आए डा.गोपा कुमार ने डायनामिक टेपिंग की महत्व पर चर्चा की तो गोवा से पधारे डा.केतन भाटिकर ने खेल के मैदान में लगने वाली चोट के त्वरित निवारण पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में जो चोट लगती है उसका यदि तत्कालिक निदान न किया गया तो वह आगे दुश्वारी बन सकती है।
नई दिल्ली के चिकित्सक सेंथिल पी कुमार ने सर्विको थोरायकिक स्पाइनल मोबिलीटी पर चर्चा की। कहा कि शरीर के पृष्ठ भाग विशेषकर कंधों और रीढ़ की हड्डी के चोटों का आंकलन कर उपचार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आज फिजियोथिरैपी आम पद्धति नहीं रही। समाज में लोग आज भी इसे अनावश्यक समझते हैं जबकि देखा जाए तो जटिल से जटिल समस्याएं इससे दूर हुई हैं। सऊदी अरब से आए डा.मो.सिद्दीक ने कहा कि इसका दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब शारीरिक समस्या होने पर फिजियोथिरैपी एक बड़े विकल्प के रूप में सामने आ रहा है। डा.अजित गुप्ता, डा.सुवेश तोमर, डा.रूबी रुनियार ने भी संबोधित किया। संचलन डा.शैलेश पाठक ने किया। इस मौके पर मौजूद लोगों में डॉ. अनुराग, डॉ. आतिफ अंसारी, डॉ. जेके गौरव, डॉ. आशीष मिश्र आदि थे।
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सांसद ने दीप प्रज्जवलित करने के बाद कहा कि फिजियोथिरैपी का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ज्यों ज्यों मरीज इसके लाभ के बारे में समझ पा रहे हैं इसके प्रति लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। कहा कि यह कार्यक्रम भदोही और आसपास के जनपदों के लोगों को फिजियोथिरैपी के बारे में व्याप्त भ्रांतियों को कम करेगा। प्रथम दिन अलग अलग सत्रों में चेन्नई से आए डा.गोपा कुमार ने डायनामिक टेपिंग की महत्व पर चर्चा की तो गोवा से पधारे डा.केतन भाटिकर ने खेल के मैदान में लगने वाली चोट के त्वरित निवारण पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में जो चोट लगती है उसका यदि तत्कालिक निदान न किया गया तो वह आगे दुश्वारी बन सकती है।
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नई दिल्ली के चिकित्सक सेंथिल पी कुमार ने सर्विको थोरायकिक स्पाइनल मोबिलीटी पर चर्चा की। कहा कि शरीर के पृष्ठ भाग विशेषकर कंधों और रीढ़ की हड्डी के चोटों का आंकलन कर उपचार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आज फिजियोथिरैपी आम पद्धति नहीं रही। समाज में लोग आज भी इसे अनावश्यक समझते हैं जबकि देखा जाए तो जटिल से जटिल समस्याएं इससे दूर हुई हैं। सऊदी अरब से आए डा.मो.सिद्दीक ने कहा कि इसका दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब शारीरिक समस्या होने पर फिजियोथिरैपी एक बड़े विकल्प के रूप में सामने आ रहा है। डा.अजित गुप्ता, डा.सुवेश तोमर, डा.रूबी रुनियार ने भी संबोधित किया। संचलन डा.शैलेश पाठक ने किया। इस मौके पर मौजूद लोगों में डॉ. अनुराग, डॉ. आतिफ अंसारी, डॉ. जेके गौरव, डॉ. आशीष मिश्र आदि थे।
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