{"_id":"599741224f1c1bab778b49fc","slug":"41503084834-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात लोगों को सात साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात लोगों को सात साल की कैद
Updated Sat, 19 Aug 2017 01:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। एडीजे द्वितीय की अदालत ने जानलेवा हमले के मामले में सात दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। ज्ञानपुर के सरई राजपुतानी गांव में छह साल पूर्व हुई घटना में यह फैसला सुनाया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार नंदलाल सरोज पुत्र स्व.शिवकरन निवासी सरई राजपूतानी ने आरोप लगाया था कि 17 मार्च 2011 के दिन दोपहर दो बजे वह अपने घर के जमीन की साफ-सफाई करने के बाद उसके कूड़े को जला रहा था। उसी समय बस्ती के श्यामधर सरोज , शशि कुमार , राजेंद्र कुमार, नन्हकू, राजेश कुमार, राजू और सभाजीत गोल बनाकर आए। जिसमें शशि कुमार के हाथ में उनके पिता की लाइसेंसी एक नाली बंदूक, राजेश और राजू के हाथों में तमंचा था। सभी ने गालियां देते हुए मारपीट की। उसी दौरान मेरी चाची शांति देवी पत्नी रामकरन, भतीजा दिनेश कुमार पुत्र मेहीलाल, कविता पुत्री बंसतलाल, प्रियंका पुत्री मेहीलाल, सविता पुत्री बसंतलाल आ गए। विपक्षी श्यामधर की ललकार पर शशि कुमार और राजेश, राजू ने तमंचे से उन पर फायरिंग की। जिसमें घायल सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इस मामले में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद न्यायाधीश प्रभाकर राव ने श्यामधर सरोज, शशि कुमार, राजेंद्र कुमार, राजेश कुमार, राजू, सभाजीत और नन्हकू को दोषी पाते हुए सात-सात साल सश्रम कारावास और पांच-पांच अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी मामले में नंदलाल सरोज, जयराम, कन्हैया, संतोष कुमार दोषमुक्त हुए। अर्थदंड न जमा करने पर सभी दोषियों को छह-छह माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार नंदलाल सरोज पुत्र स्व.शिवकरन निवासी सरई राजपूतानी ने आरोप लगाया था कि 17 मार्च 2011 के दिन दोपहर दो बजे वह अपने घर के जमीन की साफ-सफाई करने के बाद उसके कूड़े को जला रहा था। उसी समय बस्ती के श्यामधर सरोज , शशि कुमार , राजेंद्र कुमार, नन्हकू, राजेश कुमार, राजू और सभाजीत गोल बनाकर आए। जिसमें शशि कुमार के हाथ में उनके पिता की लाइसेंसी एक नाली बंदूक, राजेश और राजू के हाथों में तमंचा था। सभी ने गालियां देते हुए मारपीट की। उसी दौरान मेरी चाची शांति देवी पत्नी रामकरन, भतीजा दिनेश कुमार पुत्र मेहीलाल, कविता पुत्री बंसतलाल, प्रियंका पुत्री मेहीलाल, सविता पुत्री बसंतलाल आ गए। विपक्षी श्यामधर की ललकार पर शशि कुमार और राजेश, राजू ने तमंचे से उन पर फायरिंग की। जिसमें घायल सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इस मामले में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद न्यायाधीश प्रभाकर राव ने श्यामधर सरोज, शशि कुमार, राजेंद्र कुमार, राजेश कुमार, राजू, सभाजीत और नन्हकू को दोषी पाते हुए सात-सात साल सश्रम कारावास और पांच-पांच अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी मामले में नंदलाल सरोज, जयराम, कन्हैया, संतोष कुमार दोषमुक्त हुए। अर्थदंड न जमा करने पर सभी दोषियों को छह-छह माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
विज्ञापन