फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   रक्षाबंधन का पर्व मना

रक्षाबंधन का पर्व मना

Tue, 08 Aug 2017 01:03 AM IST
Updated Tue, 08 Aug 2017 01:03 AM IST
विज्ञापन
रक्षाबंधन का पर्व मना
ज्ञानपुर (भदोही)। भाई और बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन सोमवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर स्नेहरूपी धागे को बांधा तो भाइयों ने उनकी सुरक्षा और सम्मान का संकल्प लिया। सुबह से लेकर दोपहर तक हर घर में चहलपहल दिखी। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक ने पर्व का परंपरागत तरीके से निर्वहन किया।
विज्ञापन

रक्षाबंधन पर्व को लेकर सोमवार सुबह से ही बाजारों में रौनक दिखी। ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही समेत अन्य बाजारों में राखी और मिठाई की दूकानें पूरी तरह सजी हुई थीं। रविवार को खरीदारी न कर पाने वाले लोगों ने मिठाई और राखी की खरीदारी की। दोपहर बाद चंद्रग्रहण लगने से सुबह आठ से नौ बजे तक ही लोग तैयार होकर राखी बंधवाने के लिए पहुंचने लगे। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर मिठाई खिलाई। भाई भी बहनों को विभिन्न तरीके के गिफ्ट दिए और उनकी रक्षा का संकल्प लिया। पर्व को लेकर पौराणिक मान्यता है कि एक बार दानव स्वर्ग पर आक्रमण कर दिए। अपनी हार से डरे इंद्र ने प्रभु बृहस्पति की शरण में जा पहुंचे। गुरु बृहस्पति ने इंद्र की पत्नी इंद्राणी को रक्षा बांधने के लिए कहा। इसके बाद इंद्र की जीत हुई। उसके बाद से ही राखी का पर्व मनाया जाता है। पर्व को लेकर कई और भी किंवदंतिया हैं।
विज्ञापन



ब्रह्मकुमारी बहनों ने बांधी राखी
ज्ञानपुर। रक्षाबंधन पर्व पर सोमवार को प्रजापति ब्रह्मकुमारी बहनों ने परंपरागत तरीके से रक्षाबंधन का पर्व मनाया। उन्होंने जिलाधिकारी विशाख जी, पुलिस अधीक्षक सचींद्र पटेल, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, विधायक दीनानाथ भाष्कर और जेल अधिकारियों, कैदियों को राखी बांधी। दीदी विजयलक्ष्मी ने कहा कि परमात्मा शिव बाबा ने एक बार कल्प में राखी बांधी थी, तभी से यह पर्व मनाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आर्य समाज ने मनाया उपाकर्म
ऊंज। आर्य समाज जंगीगंज की ओर से सावन के अंतिम दिन यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें सावनी उपाकर्म मनाया गया। पारसनाथ मिश्र ने यज्ञ के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि यज्ञों वै श्रेष्ठ कर्म अर्थात यज्ञ को भुवन की नाभि बताया जैसा हमारे श्रुतियों में वर्णित हैं। श्री रामराज ने स्वाध्याय पर बल देते हुए कहा कि माताएं बच्चों के नैतिक निर्माण में प्रभावी भूमिका निभाएं। इस मौके पर धर्मेंद्र आर्य, यज्ञ नारायण, अरुणेंद्र कुमार चौबे, ब्रह्म प्रकाश, अमृतलाल, लालमणी, राम शृंगार, छविनाथ जयप्रकाश, विजयनाथ, सुरेश कुमार, रामफेरन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed