छुट्टा पशुओं की समस्या किसी एक क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरे जनपद की है। छुट्टा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए पशु पालन विभाग ने जिले में 41 नया अस्थायी गोवंश आश्रय बनवाया है। किसानों की फसलों की बर्बादी रोकने के लिए निराश्रित पशुओं को पकड़ने का कार्य पशु विभाग द्वारा तेजी से किया जा रहा है। आए दिन यह भी सुनने में आता है कि हाइवे पर मवेशियों के चलते दुर्घटना हो गई। जिसे रोकने के लिए विभाग ने यह कदम उठाया है।
पशु पालन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिस ग्राम पंचायत में अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल बनवाए गए हैं, उसकी देख-रेख की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव की होगी। ग्राम पंचायत के गोवंश आश्रय स्थल में सिर्फ ग्राम पंचायत के तहत आने वाले छुट्टा पशुओं को रखा जाएगा। जिस ग्राम पंचायत में अभी गो वंश आश्रय स्थल नहीं बने हैं, वहां के छुट्टा पशुओं को अस्थाई या स्थाई गोवंश आश्रय स्थल में रखा जाएगा। अभी तक 41 नए गोवंश आश्रय स्थलों में 160 मवेशियों को संरक्षित किया गया है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जय सिंह का कहना है कि फसल की बर्बादी रोकने के लिए निराश्रित गोवंश की सुरक्षा की दृष्टि से अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल बनवाए गए हैं, जबकि स्थाई और अस्थाई गोशाला पहले से ही बनाये गए हैं।