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Bhadohi News: 35 हजार मवेशियों को लगा गलाघोंटू का टीका, 2.95 लाख का है लक्ष्य
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ज्ञानपुर। बारिश में मवेशियों में गला घोंटू बीमारी तेजी से अपने चपेट में लेती है। करीब तीन हफ्ते पहले शुरू हुए टीकाकरण अभियान में अब तक 35 हजार मवेशियों को टीका लगाया जा चुका है। मार्च तक 2.95 लाख मवेशियों को टीका लगाने का लक्ष्य है। पशुपालन विभाग की तीन अतिरिक्त टीमों सहित कुल 11 टीमें गांव-गांव पहुंचकर मवेशियों का टीकाकरण करेंगी।
जिले के 11 पशु अस्पताल के पशुकर्मी टीकाकरण में जुटे हैं। गला घोंटू का टीका लगाने के लिए टीमें गांव-गांव पहुंच रही हैं। बीमारी से बचाव के लिए पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा जा रहा है। सीवीओ एके सचान ने बताया कि जिले में मवेशियों की साढ़े तीन लाख है। गलाघोंटू पास्चुरेला मल्टोसीडा नामक जीवाणु के संक्रमण से होता है। यह जीवाणु सांस नली में तंत्र के ऊपरी भाग में होता है। पशुपालक अगर समय से उपचार नहीं कराते तो मवेशी की मौत भी हो जाती है। संक्रमित मवेशी के संपर्क में आने से दूसरे मवेशी भी रोग से ग्रसित हो जाते हैं। इसलिए टीकाकरण जरूरी है।
इनसेट
ये हैं लक्षण
- अचानक तेज बुखार
- पशु का सुस्त रहना
- भोजन छोड़ देते हैं
- आंखें लाल होने लगती हैं।
- मवेशी के मुंह से लार गिरना
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जिले के 11 पशु अस्पताल के पशुकर्मी टीकाकरण में जुटे हैं। गला घोंटू का टीका लगाने के लिए टीमें गांव-गांव पहुंच रही हैं। बीमारी से बचाव के लिए पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा जा रहा है। सीवीओ एके सचान ने बताया कि जिले में मवेशियों की साढ़े तीन लाख है। गलाघोंटू पास्चुरेला मल्टोसीडा नामक जीवाणु के संक्रमण से होता है। यह जीवाणु सांस नली में तंत्र के ऊपरी भाग में होता है। पशुपालक अगर समय से उपचार नहीं कराते तो मवेशी की मौत भी हो जाती है। संक्रमित मवेशी के संपर्क में आने से दूसरे मवेशी भी रोग से ग्रसित हो जाते हैं। इसलिए टीकाकरण जरूरी है।
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इनसेट
ये हैं लक्षण
- अचानक तेज बुखार
- पशु का सुस्त रहना
- भोजन छोड़ देते हैं
- आंखें लाल होने लगती हैं।
- मवेशी के मुंह से लार गिरना