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खाद के लिए करना पड़ता है इंतजार
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:28 AM IST
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ज्ञानपुर। खाद-बीज की दुकानों पर ई-पॉस मशीन लगने से खरीद में पारदर्शिता आ गई है, हालांकि कुछ दुकानों पर तकनीकी खामियों और नेटवर्किंग समस्या से मशीन चलने में परेशानी हो रही है। इससे किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विभाग की ओर से खाद बेचने के लिए डीलरों को ई-पॉस मशीन (प्वाइंट ऑफ सेल) दी गई है। जिले में 210 दुकानदारों को मशीन दी गई है, जबकि 30 के लिए मांग की गई है। जिले में कई दुकानों पर नेटवर्किंग की समस्या से किसानों को एक से दो घंटे इंतजार करना पड़ता है। किसान को खाद लेने के लिए विभाग के चयनित डीलर के पास किसान बही लेकर जाना होता है। डीलर इस बही के आधार पर पॉस मशीन के जरिए किसान की बायोमिट्रिक पहचान कर जोत के हिसाब से निर्धारित मात्रा में खाद देते हैं। कृषि विभाग ने एक किसान को अधिकतम 99
बोरी खाद देने का मानक तय किया है। खाद लेने गए किसानों को अक्सर कई घंटों तक
नेटवर्क का इंतजार करना पड़ता है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जिले में एक लाख 87 हजार किसान हैं। 210 डीलरों को ई-पास मशीनें दी गई हैं। नेटवर्किंग की समस्या गिने-चुने दुकानों पर ही आती है। पांच मशीनें खराब हैं। उन्हें ठीक कराने के लिए इंजीनियर से वार्ता की गई है। सॉफ्टवेयर अपडेट होने से नेटवर्किंग संग अन्य तकनीकी समस्याएं नहीं होतीं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विभाग की ओर से खाद बेचने के लिए डीलरों को ई-पॉस मशीन (प्वाइंट ऑफ सेल) दी गई है। जिले में 210 दुकानदारों को मशीन दी गई है, जबकि 30 के लिए मांग की गई है। जिले में कई दुकानों पर नेटवर्किंग की समस्या से किसानों को एक से दो घंटे इंतजार करना पड़ता है। किसान को खाद लेने के लिए विभाग के चयनित डीलर के पास किसान बही लेकर जाना होता है। डीलर इस बही के आधार पर पॉस मशीन के जरिए किसान की बायोमिट्रिक पहचान कर जोत के हिसाब से निर्धारित मात्रा में खाद देते हैं। कृषि विभाग ने एक किसान को अधिकतम 99
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बोरी खाद देने का मानक तय किया है। खाद लेने गए किसानों को अक्सर कई घंटों तक
नेटवर्क का इंतजार करना पड़ता है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जिले में एक लाख 87 हजार किसान हैं। 210 डीलरों को ई-पास मशीनें दी गई हैं। नेटवर्किंग की समस्या गिने-चुने दुकानों पर ही आती है। पांच मशीनें खराब हैं। उन्हें ठीक कराने के लिए इंजीनियर से वार्ता की गई है। सॉफ्टवेयर अपडेट होने से नेटवर्किंग संग अन्य तकनीकी समस्याएं नहीं होतीं।
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