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ईओ पर गिरी अनिवार्य सेवानिवृति की गाज
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:57 AM IST
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भदोही। प्रदेश सरकार की अनिवार्य सेवानिवृत्ति नीति की गाज भदोही नगर पालिका परिषद के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी आसुतोश द्विवेदी पर भी गिरी है। 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके ईओ पर उनकी उम्र और शरीर हावी हो चली थी तथा वे मुश्किल से शहर की गलियों मे दिखते थे। जनशिकायतों और समस्याओं के निपटारे में शिथिलता के चलते उनके समय की अध्यक्ष महलका सिद्दीकी भी उनसे नाखुश थी। किसी नगर की साफ सफाई, पेयजल व्यवस्था, जलनिकासी अथवा प्रकाश व्यवस्था जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करने की जिम्मेदारी अधिशासी अधिकारी की होती है। 50 की उम्र पार कर चुके ईओ आसुतोश द्विवेदी को भदोही की जनता ने नगर की सड़कों पर नहीं देखा। उन पर आरोप था कि वे अपने कार्यालय में बैठकर ही शिकायतो का निस्तारण करते थे। इस बारे में पूर्व चेयरमैन ने कहा कि वे लगभग एक वर्ष तक यहां रहे। इस दौरान गत 22 सितंबर को वे अचानक चले गए। इसके चलते कर्मचारिओं का वेतन नहीं मिल पाया। इस बीच निकाय चुनाव की अधिसूचना भी जारी हो जाने से कर्मचारियों को वेतन चार माह तक लंबित हो गया था। उनकी उम्र उनके कामकाज पर हावी थी। यही कारण है कि गत वर्ष नवंबर माह में तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेश कुमार सिंह के शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों की सूची में आसुतोश द्विवेदी भी रहे तथा उन्होंने उनका वेतन भी रोका था। इस बारे में डीएम विशाख जी ने बताया कि उनके अनिवार्य सेवानिवृत्ति की रिपोर्ट उनके भदोही आने से पहले ही भेजी गई थी। इस बारे में वे कुछ विशेष नहीं बता सके।
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