{"_id":"57b8b62c4f1c1ba2506ede33","slug":"31-disposal-of-prayer-three-letters","type":"story","status":"publish","title_hn":"31 प्रार्थना पत्रों में तीन का निस्तारण ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
31 प्रार्थना पत्रों में तीन का निस्तारण
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Sun, 21 Aug 2016 01:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शनिवार को जिले के थानों पर आयोजित समाधान दिवस में निस्तारण के लिए 31 प्रार्थना पत्र आए। इसमें राजस्व के 21 और पुलिस विभाग के दस प्रार्थना पत्र रहे। इस में महज तीन का निस्तारण हुआ, जो राजस्व के थे।
कोतवाली ज्ञानपुर में तीन प्रार्थना पत्र राजस्व के आए। गोपीगंज थाने में आए पांच प्रार्थना पत्र में दो राजस्व, तीन पुलिस के थे। कोइरौना थाने में आए सभी छह प्रार्थना पत्र राज स्व के रहे।
इसी क्रम मेंे भदोही कोतवाली में आए सात प्रार्थना पत्र में एक राजस्व और छह पुलिस के रहे। चौरी थाने में महज एक प्रार्थना पत्र आया, वहीं औराई थाने में आए तीन प्रार्थना पत्रों में दो राजस्व और एक पुलिस विभाग का रहा। दुर्गागंज थाने पर भी तीन प्रार्थना पत्र आए, उपरोक्त थानों में आए प्रार्थना पत्रों में एक भी निस्तारित नहीं हो सका।
विज्ञापन
इसी तरह ऊंज थाने में राजस्व के एक प्रार्थना पत्र का फौरन निस्तारण हुआ। वहीं सुरियावां थाने
पर भी दो प्रार्थना पत्रों को थानाध्यक्ष औरंगजेब खां ने फौरन निस्तारण करा दिया।
विज्ञापन
कोतवाली ज्ञानपुर में तीन प्रार्थना पत्र राजस्व के आए। गोपीगंज थाने में आए पांच प्रार्थना पत्र में दो राजस्व, तीन पुलिस के थे। कोइरौना थाने में आए सभी छह प्रार्थना पत्र राज स्व के रहे।
विज्ञापन
इसी क्रम मेंे भदोही कोतवाली में आए सात प्रार्थना पत्र में एक राजस्व और छह पुलिस के रहे। चौरी थाने में महज एक प्रार्थना पत्र आया, वहीं औराई थाने में आए तीन प्रार्थना पत्रों में दो राजस्व और एक पुलिस विभाग का रहा। दुर्गागंज थाने पर भी तीन प्रार्थना पत्र आए, उपरोक्त थानों में आए प्रार्थना पत्रों में एक भी निस्तारित नहीं हो सका।
विज्ञापन
इसी तरह ऊंज थाने में राजस्व के एक प्रार्थना पत्र का फौरन निस्तारण हुआ। वहीं सुरियावां थाने
पर भी दो प्रार्थना पत्रों को थानाध्यक्ष औरंगजेब खां ने फौरन निस्तारण करा दिया।