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Bhadohi News: 275 निर्यातकों ने लगाए हैं स्टॉल, पहुंचेंगे 400 विदेशी खरीदार
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भदोही। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के संयोजन में दिल्ली के ओखला स्थित राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम मैदान पर इंडिया कारपेट एक्सपो के 44वें संस्करण के लिए मंच सज चुका है। बुधवार को सुबह 10 बजे विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) शुभ्रा फीता काट कर शुभारंभ करेंगी। यह एक्सपो भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों व अन्य फ्लोर कवरिंग की सांस्कृतिक विरासत और बुनाई कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर वर्ष किया जाता है। इसमे 60 से भी अधिक देशों के कालीन खरीदार, एजेंट, आर्किटेक्ट आदि हिस्सा लेते हैं।इंडिया कार्पेट एक्सपो एशिया के बड़े कारपेट एक्सपो में शुमार है। जहां विदेशी खरीदारों को एक छत के नीचे हर प्रकार के हस्तनिर्मित कालीन, वाल हैंगिंग, हैंडटफ्टेड, हैंडलूम, दरियां आदि प्रतिस्पर्धी कीमत में मिलती हैं। यह एक्सपो दुनिया भर के खरीदारों के लिए लोकप्रिय मंच बन गया है। सीईपीसी के चेयरमैन उमर हमीद ने बताया कि इस एक्सपो को सदस्य निर्यातकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है तथा कुल 275 लोग अपने स्टॉलों के माध्यम से उत्कृष्ट कालीनों का प्रदर्शन कर रहे हैं। चार दिन के एक्सपो में 400 से अधिक विदेशी कालीन खरीदारों के भाग लेने की उम्मीद जताई जा रही है। चेयरमैन ने बताया कि परिषद न केवल थोक खरीदारों को आमंत्रित और प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि इंडिया कारपेट एक्सपो में भाग लेने के लिए नई दिल्ली में ठहरने की सुविधा भी प्रदान कर रही है। विश्वास जताया कि आने वाले चार दिनों में भारतीय कालीन निर्यातक अच्छा व्यवसाय करेंगे।
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फोटो-51 व 52 भदोही में बने मार्ट में लगे दोनों कारपेट एक्सपो
भदोही। जब से भदोही में कारपेट एक्सपो मार्ट बन कर तैयार हुआ है तब से कयास लगाए जा रहे हैं कि अब दोनो एक्सपो भदोही के एक्सपो मार्ट में ही आयोजित किए जाएंगे। गत वर्ष अक्तूबर में मार्ट में सफलतापूर्वक इंडिया कारपेट एक्सपो के आयोजन के बाद भदोही कालीन निर्यातकों की ओर से भदोही मे ही दोनो कारपेट एक्सपो के आयोजन की मांग जोर पकड़ रही है। भदोही में ही दोनों एक्सपो के आयोजन के लिए मुखर रहने वाले शमीम अंसारी ने कहा कि यदि गणना की जाए तो एक्सपो में स्टाल लगाने वाले 75 प्रतिशत निर्यातक भदोही और आसपास के जनपदों के होते हैं। ऐसे में इन 75 प्रतिशत कारोबारियों की सुविधा को दरकिनार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि शेष भारत से एक्सपो में भाग लेने वालों के लिए कुछ छूट का प्रावधान किया जा सकता है। परिषद के पूर्व प्रशासनिक सदस्यों मे से एक उमेश कुमार गुप्ता मुन्ना भी मानते हैं कि भदोही में एक्सपो मार्ट के पीछे मंशा यही थी कि यहां कालीन प्रदर्शनी लगे और देश विदेश से लोग पहुंचें। कहा कि गौर करने वाली बात यह है कि दिल्ली के ओखला में लाखों रुपये किराया देकर एक्सपो कराया जाता है। भदोही में एक्सपो आयोजित कर किराये के रूप में बचने वाले धन को मझोले निर्यातकों को राहत देने के लिए खर्च किया जा सकता है।
उत्साहित हैं पहली बार स्टाल लगाने वाले
भदोही। कारपेट एक्सपो में भाग लेने की तमन्ना हर कालीन उत्पादक की होती है। मौजूदा कारपेट एक्सपो में भाग ले रहे कालीन निर्यातक भी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि एक्सपो में भाग लेने से न केवल अनुभव मिलेगा, बल्कि आत्मविश्वास का संचार होगा। सीईपीसी से मिली जानकारी के अनुसार हर कारपेट एक्सपो में 5 से 10 नए कारोबारी पहली बार स्टाल लगाते हैं। इस बार भी 10 नए लोग स्टाल लगा रहे हैं।
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पहली बार स्टाल लगाने वालों की राय
बिना स्टाल लगाए मैं पूर्व में एक्सपो में आ चुका हूं। लेकिन अपना स्टाल लगाकर एक्सपो में शामिल होने की अनुभूति ही कुछ अलग है। इस फेयर में मेरे घर से चार लोग पहुंचे हैं। सभी को यह दौरा अनुभव प्रदान करेगा और आगे के लिए अच्छे व्यवसाय का मार्ग प्रशस्त करेगा। आफताब आलम
नया नया व्यवसाय है। पिछले छह महीने नए-नए सैंपल पर काम किया है। अब अवसर की तलाश में दिल्ली के कारपेट एक्सपो में भाग ले रहा हूं। यह पहला अवसर है जब इतने बड़े प्लेटफार्म पर हस्तनिर्मित कालीनों का प्रदर्शन करने जा रहा हूं। उत्साहित और सकारात्मक भी हूं। असद एजाज
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फोटो-51 व 52 भदोही में बने मार्ट में लगे दोनों कारपेट एक्सपो
भदोही। जब से भदोही में कारपेट एक्सपो मार्ट बन कर तैयार हुआ है तब से कयास लगाए जा रहे हैं कि अब दोनो एक्सपो भदोही के एक्सपो मार्ट में ही आयोजित किए जाएंगे। गत वर्ष अक्तूबर में मार्ट में सफलतापूर्वक इंडिया कारपेट एक्सपो के आयोजन के बाद भदोही कालीन निर्यातकों की ओर से भदोही मे ही दोनो कारपेट एक्सपो के आयोजन की मांग जोर पकड़ रही है। भदोही में ही दोनों एक्सपो के आयोजन के लिए मुखर रहने वाले शमीम अंसारी ने कहा कि यदि गणना की जाए तो एक्सपो में स्टाल लगाने वाले 75 प्रतिशत निर्यातक भदोही और आसपास के जनपदों के होते हैं। ऐसे में इन 75 प्रतिशत कारोबारियों की सुविधा को दरकिनार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि शेष भारत से एक्सपो में भाग लेने वालों के लिए कुछ छूट का प्रावधान किया जा सकता है। परिषद के पूर्व प्रशासनिक सदस्यों मे से एक उमेश कुमार गुप्ता मुन्ना भी मानते हैं कि भदोही में एक्सपो मार्ट के पीछे मंशा यही थी कि यहां कालीन प्रदर्शनी लगे और देश विदेश से लोग पहुंचें। कहा कि गौर करने वाली बात यह है कि दिल्ली के ओखला में लाखों रुपये किराया देकर एक्सपो कराया जाता है। भदोही में एक्सपो आयोजित कर किराये के रूप में बचने वाले धन को मझोले निर्यातकों को राहत देने के लिए खर्च किया जा सकता है।
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उत्साहित हैं पहली बार स्टाल लगाने वाले
भदोही। कारपेट एक्सपो में भाग लेने की तमन्ना हर कालीन उत्पादक की होती है। मौजूदा कारपेट एक्सपो में भाग ले रहे कालीन निर्यातक भी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि एक्सपो में भाग लेने से न केवल अनुभव मिलेगा, बल्कि आत्मविश्वास का संचार होगा। सीईपीसी से मिली जानकारी के अनुसार हर कारपेट एक्सपो में 5 से 10 नए कारोबारी पहली बार स्टाल लगाते हैं। इस बार भी 10 नए लोग स्टाल लगा रहे हैं।
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पहली बार स्टाल लगाने वालों की राय
बिना स्टाल लगाए मैं पूर्व में एक्सपो में आ चुका हूं। लेकिन अपना स्टाल लगाकर एक्सपो में शामिल होने की अनुभूति ही कुछ अलग है। इस फेयर में मेरे घर से चार लोग पहुंचे हैं। सभी को यह दौरा अनुभव प्रदान करेगा और आगे के लिए अच्छे व्यवसाय का मार्ग प्रशस्त करेगा। आफताब आलम
नया नया व्यवसाय है। पिछले छह महीने नए-नए सैंपल पर काम किया है। अब अवसर की तलाश में दिल्ली के कारपेट एक्सपो में भाग ले रहा हूं। यह पहला अवसर है जब इतने बड़े प्लेटफार्म पर हस्तनिर्मित कालीनों का प्रदर्शन करने जा रहा हूं। उत्साहित और सकारात्मक भी हूं। असद एजाज