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अल्ट्रासाउंड सेंटर में 250 वेटिंग, एक महीने बाद का मिल रहा है नंबर
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ज्ञानपुर। पेट में दर्द होने पर अक्सर डॉक्टर अल्ट्रासाउंड लिखते हैं। पथरी हो या कोई अन्य बीमारी सही इलाज और जानकारी के लिए अल्ट्रासाउंड जरूरी है, लेकिन कालीन नगरी में अल्ट्रासाउंड की मुकम्मल व्यवस्था नहीं हैं। यहां करीब 20 लाख की आबादी पर महज एक महाराजा चेत सिंह चिकित्सालय में ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती है। ऐसे में जांच बहुत ही कम हो रही है। यहां आने वालों को एक महीने से ज्यादा का समय दिया जा रहा है। हालांकि इमरजेंसी वाले केस में डॉक्टर तत्काल जांच कर देते हैं।
जिले में सीएचसी, पीएचसी के अलावा दो बड़े अस्पताल हैं। महाराजा चेत सिंह राजकीय चिकित्सालय और महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय। नियम तो दोनों अस्पतालों में जांच की है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण महाराजा बलवंत सिंह चिकित्सालय का अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद पड़ा है। महाराजा चेत सिंह राजकीय चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट के रूप में डॉ. एसके पांडेय की तैनाती है। वह प्रतिदिन 20 से 25 केस देखते हैं। अस्पताल के सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन 30 से 35 लोग जांच कराने आते हैं। ऐसे में जिनकी जांच नहीं हो पाती उन्हें अगले कुछ दिन के बाद का नंबर दिया जाता है। फिलहाल 250 से ज्यादा वेटिंग है।
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जिले में सीएचसी, पीएचसी के अलावा दो बड़े अस्पताल हैं। महाराजा चेत सिंह राजकीय चिकित्सालय और महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय। नियम तो दोनों अस्पतालों में जांच की है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण महाराजा बलवंत सिंह चिकित्सालय का अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद पड़ा है। महाराजा चेत सिंह राजकीय चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट के रूप में डॉ. एसके पांडेय की तैनाती है। वह प्रतिदिन 20 से 25 केस देखते हैं। अस्पताल के सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन 30 से 35 लोग जांच कराने आते हैं। ऐसे में जिनकी जांच नहीं हो पाती उन्हें अगले कुछ दिन के बाद का नंबर दिया जाता है। फिलहाल 250 से ज्यादा वेटिंग है।
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