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एक घंटे का मिला ब्लाक,रेलवे पार हुई पारेषण लाइन
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जंगीगंज। गत एक सप्ताह से ट्रांसमिशन और रेलवे विभाग के बीच चल रही गुत्थमगुत्थी पर सोमवार को दोपहर बाद उस समय विराम लग गया, जब वाराणसी मंडल ने ओएचई तार में एक घंटे तक करेंट को ठप कर प्रयागराज के टेला-किहुनी से गोपीगंज-गिराई पावर हाउस आ रही 132 केवी पारेषण लाइन को रेलवे पार करा दिया गया। इस बाबत दोनों विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर डटे रहे।
गत पांच वर्ष उक्त लाइन निर्माण के लिए मंजूरी ट्रांसमिशन ने इस बात को लेकर दी गई थी कि भदोही जनपद को मिलने वाली मि र्जापुर पारेषण लाइन में खराबी आते रहने के कारण आपूर्ति बाधित हो रही थी। व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए सर्व कराकर अरकान नामक कार्यदाई संस्था के माध्यम से टावरों का निर्माण शुरू करा दिया गया। 83 टॉवरों में से 70 को मुआवजा देकर लगा दिया गया, लेकिन 10 का पेंच फंस गया। इधर बीच प्रदेश सरकार की ओर से पेंच कसते ही अधिकारियों ने सक्रियता बढ़ा दी। दो टावर पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी खंड स्थित जंगीगंज स्टेशन के पश्चिमी छोर पर लगाकर तार पार किए जाने थे। जहां सुरक्षा-संरक्षा और ट्रैक पर विद्युतीकरण से काम को रोकवा दिया था। दोनों विभागों के उच्चाधिकारियों की लिखापढ़ी के बाद सोमवार को वाराणसी मंडल ने एक घंटे का शटडाउन ब्लाक लेकर तार को पार करा दिया गया। मौके पर पारेषण के एसडीआ कार्य ओपी गुप्ता, जेई राजवंश कन्नौजिया, बृजेश सिंह, रुपेश सिंह, महेंद्र, अमित सिंह, रेलवे के पीडब्ल्यूआई संतजी समेत अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
शटडाउन की जानकारी देने से कतराता रहा मंडल
जंगीगंज। पारेषण लाइन को रेलवे पार कराने के मामले में सोमवार को ओएचई तार में एक घंटे का शटडाउन ब्लाक की जानकारी देने में जीएम कार्यालय गोरखपुर आर वाराणसी जोन के अधिकारी-कर्मचारी बचते ही रहे। पारेषण इंजीनियरों ने ब्लाक की पुष्टि करने पर ही मीडिया संतुष्ट हो सकी। जनसंपर्क अधिकारी वाराणसी अशोक कुमार देर शाम पांच बजे तक मामले से अनभिज्ञ ही बने रहे। वैसे रेलवे प्रशासन ट्रेनें प्रभावित होने को लेकर असमंजस में रहा। 15 से 16 बजे के बीच रुट खाली मिलने पर ही शटडाउन ब्लाक दिया जा सका। इससे ट्रेनों के संचालन पर कोई खास प्रभाव भी नहीं पड़ा।
गत पांच वर्ष उक्त लाइन निर्माण के लिए मंजूरी ट्रांसमिशन ने इस बात को लेकर दी गई थी कि भदोही जनपद को मिलने वाली मि र्जापुर पारेषण लाइन में खराबी आते रहने के कारण आपूर्ति बाधित हो रही थी। व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए सर्व कराकर अरकान नामक कार्यदाई संस्था के माध्यम से टावरों का निर्माण शुरू करा दिया गया। 83 टॉवरों में से 70 को मुआवजा देकर लगा दिया गया, लेकिन 10 का पेंच फंस गया। इधर बीच प्रदेश सरकार की ओर से पेंच कसते ही अधिकारियों ने सक्रियता बढ़ा दी। दो टावर पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी खंड स्थित जंगीगंज स्टेशन के पश्चिमी छोर पर लगाकर तार पार किए जाने थे। जहां सुरक्षा-संरक्षा और ट्रैक पर विद्युतीकरण से काम को रोकवा दिया था। दोनों विभागों के उच्चाधिकारियों की लिखापढ़ी के बाद सोमवार को वाराणसी मंडल ने एक घंटे का शटडाउन ब्लाक लेकर तार को पार करा दिया गया। मौके पर पारेषण के एसडीआ कार्य ओपी गुप्ता, जेई राजवंश कन्नौजिया, बृजेश सिंह, रुपेश सिंह, महेंद्र, अमित सिंह, रेलवे के पीडब्ल्यूआई संतजी समेत अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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शटडाउन की जानकारी देने से कतराता रहा मंडल
जंगीगंज। पारेषण लाइन को रेलवे पार कराने के मामले में सोमवार को ओएचई तार में एक घंटे का शटडाउन ब्लाक की जानकारी देने में जीएम कार्यालय गोरखपुर आर वाराणसी जोन के अधिकारी-कर्मचारी बचते ही रहे। पारेषण इंजीनियरों ने ब्लाक की पुष्टि करने पर ही मीडिया संतुष्ट हो सकी। जनसंपर्क अधिकारी वाराणसी अशोक कुमार देर शाम पांच बजे तक मामले से अनभिज्ञ ही बने रहे। वैसे रेलवे प्रशासन ट्रेनें प्रभावित होने को लेकर असमंजस में रहा। 15 से 16 बजे के बीच रुट खाली मिलने पर ही शटडाउन ब्लाक दिया जा सका। इससे ट्रेनों के संचालन पर कोई खास प्रभाव भी नहीं पड़ा।
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