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वेलेंटाइन डे को मातृ-पितृ पूजन के रूप में मनाया
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ज्ञानपुर। ‘मातृ देवो भव: पितृ देवो भव: गुरु देवो भव:’ की सेवा भाव मात्र से ही आयु, विद्या, यश और बल की प्राप्ति होती है। ये बातें वेलेंटाइंस डे के अवसर पर मां हंसवाहिनी पब्लिक स्कूल में मातृ-पितृ पूजन दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रबंधक ओमप्रकाश पांडेय (पुजारी) ने कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने अपने माता-पिता की पूजा की।
बृहस्पतिवार को वेलेंटइन डे के मौके पर अंग्रेजों की संस्कृति से हट कर मां हंसवाहिनी पब्लिक स्कूल में इसे मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों के अभिभावकों को आमंत्रित कर उनका पूजन-अर्चन कराया गया। पहले बच्चों ने माता-पिता को फूल-माला अर्पित कर माथे पर तिलक लगाया। माता-पिता के सात फेरेे लेकर उनको प्रणाम किया और मिष्ठान ग्रहण कराया। प्रबंधक ने कहा कि पुत्र माता पिता की सेवा मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति कर लेता है। कहा कि लोग मंदिरों में पत्थर की मूर्तियों में भगवान को तलाशते हैं, जबकि माता-पिता ही देवश्वरूप होते हैं। जहां इनका पूजन होता है, वहां धरती मां भी खुद को धन्य मानती हैं। सच्चा प्रेम तो माता-पिता से ही प्राप्त होता है। कहा कि शिव पुराण में कहा गया है कि जो बेटा माता पिता की पूजा करके उनकी पदक्षिणा करता है, उसे सभी तीर्थों का फल प्राप्त होता है। इस दौरान रत्नेश, सरिता श्रीवास्तव, सविता यादव, मनीषा मौर्य, रीना सिंह, सविता पांडेय, प्रीती, दीक्षा, कीर्ति, राहुल, अर्चना, श्वेता, मोनिका आदि मौजूद रहे।
बाबूसराय: इसी प्रकार औराई विकास खंड के बाबूसराय स्थित डीपी पब्लिक स्कूल में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उनकी वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे आशीष सिंह ने माता और पिता को सभी सत्कर्मों से श्रेष्ठ सत्कर्म बताया। बच्चों के साथ स्कूल के प्रबंधक राहुल शर्मा ने अपनी माता को तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी। इस मौके पर बड़ी संख्या में अभिभावक और बच्चे मौजूद रहे।
बृहस्पतिवार को वेलेंटइन डे के मौके पर अंग्रेजों की संस्कृति से हट कर मां हंसवाहिनी पब्लिक स्कूल में इसे मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों के अभिभावकों को आमंत्रित कर उनका पूजन-अर्चन कराया गया। पहले बच्चों ने माता-पिता को फूल-माला अर्पित कर माथे पर तिलक लगाया। माता-पिता के सात फेरेे लेकर उनको प्रणाम किया और मिष्ठान ग्रहण कराया। प्रबंधक ने कहा कि पुत्र माता पिता की सेवा मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति कर लेता है। कहा कि लोग मंदिरों में पत्थर की मूर्तियों में भगवान को तलाशते हैं, जबकि माता-पिता ही देवश्वरूप होते हैं। जहां इनका पूजन होता है, वहां धरती मां भी खुद को धन्य मानती हैं। सच्चा प्रेम तो माता-पिता से ही प्राप्त होता है। कहा कि शिव पुराण में कहा गया है कि जो बेटा माता पिता की पूजा करके उनकी पदक्षिणा करता है, उसे सभी तीर्थों का फल प्राप्त होता है। इस दौरान रत्नेश, सरिता श्रीवास्तव, सविता यादव, मनीषा मौर्य, रीना सिंह, सविता पांडेय, प्रीती, दीक्षा, कीर्ति, राहुल, अर्चना, श्वेता, मोनिका आदि मौजूद रहे।
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बाबूसराय: इसी प्रकार औराई विकास खंड के बाबूसराय स्थित डीपी पब्लिक स्कूल में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उनकी वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे आशीष सिंह ने माता और पिता को सभी सत्कर्मों से श्रेष्ठ सत्कर्म बताया। बच्चों के साथ स्कूल के प्रबंधक राहुल शर्मा ने अपनी माता को तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी। इस मौके पर बड़ी संख्या में अभिभावक और बच्चे मौजूद रहे।
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