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‘नहाय खाय के’ साथ छठ पूजा शुरू
Updated Mon, 12 Nov 2018 01:20 AM IST
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ज्ञानपुर। लोक आस्था के महापर्व डाला छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान रविवार को ‘नहाय-खाय के’ के साथ शुरू हो गया। सूर्योपासना के इस त्योहार के निमित्त पहले दिन व्रत वाले घरों में लौकी-भात बनाकर लोगों ने ग्रहण किया। साथ ही घर और आसपास करीने से साफ-सफाई की गई। छठ को लेकर बाजारों में सूप-दौरी और पूजा के सामान की जमकर खरीदारी हुई।
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्टी को सूर्य षष्ठी भी कहते हैं। सूर्योपासना के इस पर्व पर स्वच्छता और संयम का खास महत्व है। रविवार को पहले दिन व्रत वाले घरों में महिलाओं ने साफ-सफाई के बाद दूसरी पहर में चने की दाल, लौकी और चावल बनाकर ग्रहण किया। इसके बाद सात्विक जीवन शैली अपनाकर तमाम लोगों ने जमीन पर सोकर रात गुजारी। छठ को लेकर बाजार में पूरे दिन खरीदारी का दौर चला। लोगों ने बांस की हुई दौरियां और सूप आदि की खरीदारी की। प्रसाद के फल और पूजा के सामान इन्हीं दौरियों में भरकर घाटों तक ले जाए जाते हैं। व्रती महिलाएं सूप में प्रसाद लेकर जल में खड़े होकर सूर्यदेव के उगने का इंतजार करती हैं। खरीदारी के लिए ज्ञानपुर के अलावा भदोही, गोपीगंज, औराई, चौरी आदि बाजारों में लोगों की भीड़ लगी रही। सोमवार को खरना होगा। इसमें दिन भर निराहार रहने के बाद सायंकालीन बेला में महिलाएं गन्ने के रस या गुड़ से बनी खीर बनाकर उसे ग्रहण करेंगी। खरना लोगों में प्रसाद के रूप में वितरित भी किया जाता है। इसके बाद कठिन व्रत शुरू हो जाएगा, जो इस बार 13 नवंबर को पहले अर्घ्य के दिन होगा। इस दिन पूरे दिन व्रत रखकर महिलाएं घाटों, तालाबों और सरोवरों के किनारे वेदियां बनाकर पूजा करने के बाद अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देती हैं। इसके बाद रात्रि जागरण और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। पूजा वाले घरों में लोग रात भर जागरण कर मंगल गीत गाते हैं। अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। उदित होते सूर्य देव को इस बार 14 नवंबर को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद अनुष्ठान का समापन हो जाएगा।
इनसेट
गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग कराने का निर्देश
लालानगर। डाला छठ पर रविवार को ज्ञानपुर उपजिलाधिकारी अमृता सिंह ने गंगा घाटों का जायजा लिया। रामपुर घाट पर पहुंचीं एसडीएम ने घाट पर गंदगी देखकर नगर पालिका गोपीगंज को अर्घ्य से पूर्व साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया। कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर गंगा में बैरिकेडिंग भी कराई जाए। गौरतलब है कि छठ के मद्देनजर घाटों पर अब तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है। अर्घ्य देने के स्थान पर दलदली जमीन और कचरा व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है। यह हाल रामपुर के अलावा सीतामढ़ी, बिहरोजपुर, बेरासपुर आदि घाटों पर भी है। यहां छठ पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य देते हैं। एसडीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, इसके लिए घाटों पर प्रकाश की व्यवस्था करने का निर्देश भी टाउन एरिया को दिया गया है।
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्टी को सूर्य षष्ठी भी कहते हैं। सूर्योपासना के इस पर्व पर स्वच्छता और संयम का खास महत्व है। रविवार को पहले दिन व्रत वाले घरों में महिलाओं ने साफ-सफाई के बाद दूसरी पहर में चने की दाल, लौकी और चावल बनाकर ग्रहण किया। इसके बाद सात्विक जीवन शैली अपनाकर तमाम लोगों ने जमीन पर सोकर रात गुजारी। छठ को लेकर बाजार में पूरे दिन खरीदारी का दौर चला। लोगों ने बांस की हुई दौरियां और सूप आदि की खरीदारी की। प्रसाद के फल और पूजा के सामान इन्हीं दौरियों में भरकर घाटों तक ले जाए जाते हैं। व्रती महिलाएं सूप में प्रसाद लेकर जल में खड़े होकर सूर्यदेव के उगने का इंतजार करती हैं। खरीदारी के लिए ज्ञानपुर के अलावा भदोही, गोपीगंज, औराई, चौरी आदि बाजारों में लोगों की भीड़ लगी रही। सोमवार को खरना होगा। इसमें दिन भर निराहार रहने के बाद सायंकालीन बेला में महिलाएं गन्ने के रस या गुड़ से बनी खीर बनाकर उसे ग्रहण करेंगी। खरना लोगों में प्रसाद के रूप में वितरित भी किया जाता है। इसके बाद कठिन व्रत शुरू हो जाएगा, जो इस बार 13 नवंबर को पहले अर्घ्य के दिन होगा। इस दिन पूरे दिन व्रत रखकर महिलाएं घाटों, तालाबों और सरोवरों के किनारे वेदियां बनाकर पूजा करने के बाद अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देती हैं। इसके बाद रात्रि जागरण और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। पूजा वाले घरों में लोग रात भर जागरण कर मंगल गीत गाते हैं। अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। उदित होते सूर्य देव को इस बार 14 नवंबर को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद अनुष्ठान का समापन हो जाएगा।
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गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग कराने का निर्देश
लालानगर। डाला छठ पर रविवार को ज्ञानपुर उपजिलाधिकारी अमृता सिंह ने गंगा घाटों का जायजा लिया। रामपुर घाट पर पहुंचीं एसडीएम ने घाट पर गंदगी देखकर नगर पालिका गोपीगंज को अर्घ्य से पूर्व साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया। कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर गंगा में बैरिकेडिंग भी कराई जाए। गौरतलब है कि छठ के मद्देनजर घाटों पर अब तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है। अर्घ्य देने के स्थान पर दलदली जमीन और कचरा व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है। यह हाल रामपुर के अलावा सीतामढ़ी, बिहरोजपुर, बेरासपुर आदि घाटों पर भी है। यहां छठ पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य देते हैं। एसडीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, इसके लिए घाटों पर प्रकाश की व्यवस्था करने का निर्देश भी टाउन एरिया को दिया गया है।
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