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कैदियों को कानूनी सहायता के लिए प्राधिकरण तत्पर
Updated Sat, 18 Nov 2017 01:18 AM IST
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ज्ञानपुर। किसी भी कैदी को अगर विधिक सहायता की आवश्यकता है तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन कर सकता है। प्राधिकरण की ओर से उसे तत्काल समुचित सहायता प्रदान की जाएगी। यह बातें शुक्रवार को जिला जेल में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में न्यायाधीश परवेज अख्तर ने कही।
विधिक सेवा सप्ताह के तहत चलाए जा रहे अभियान में शुक्रवार को जिला जेल परिसर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर न्यायाधीश परवेज अख्तर ने कहा कि कानूनी सहायता न मिलने से कई कैदी मामूली धाराओं में जेलों में निरुद्ध हैं। ऐसे लोगों को राहत देने की जरूरत है। उन्होंने कैदियों को कई विधिक जानकारियां दीं। प्राधिकरण के सचिव परवे अख्तर और अधिवक्ता पंकज तिवारी ने सभी बैरकों का अवलोकन किया। इस दौरान रसोईं घर में बन रहे भोजन की समीक्षा की। बंदियों से उनकी समस्याएं सुनी और निस्तारण का आश्वासन दिया। कैदियों की मांग पर न्यायाधीश ने सप्ताह में एक दिन पीसीओ के माध्यम से घर वालों से बातचीत कराने की शासन से प्रदान सुविधा को संचालित कराने का निर्देश दिया। इस दौरान दो असाध्य रोग से ग्रसित कैदी, चार जमानती अपराध में निरुद्ध कैदी को प्राधिकरण की ओर से तत्काल विधिक सहायता प्रदान करने की बात कही गई। इस मौके पर जेल अधीक्षक शशिकांत, जेलर विष्णूकांत मिश्र आदि मौजूद रहे।
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विधिक सेवा सप्ताह के तहत चलाए जा रहे अभियान में शुक्रवार को जिला जेल परिसर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर न्यायाधीश परवेज अख्तर ने कहा कि कानूनी सहायता न मिलने से कई कैदी मामूली धाराओं में जेलों में निरुद्ध हैं। ऐसे लोगों को राहत देने की जरूरत है। उन्होंने कैदियों को कई विधिक जानकारियां दीं। प्राधिकरण के सचिव परवे अख्तर और अधिवक्ता पंकज तिवारी ने सभी बैरकों का अवलोकन किया। इस दौरान रसोईं घर में बन रहे भोजन की समीक्षा की। बंदियों से उनकी समस्याएं सुनी और निस्तारण का आश्वासन दिया। कैदियों की मांग पर न्यायाधीश ने सप्ताह में एक दिन पीसीओ के माध्यम से घर वालों से बातचीत कराने की शासन से प्रदान सुविधा को संचालित कराने का निर्देश दिया। इस दौरान दो असाध्य रोग से ग्रसित कैदी, चार जमानती अपराध में निरुद्ध कैदी को प्राधिकरण की ओर से तत्काल विधिक सहायता प्रदान करने की बात कही गई। इस मौके पर जेल अधीक्षक शशिकांत, जेलर विष्णूकांत मिश्र आदि मौजूद रहे।
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