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2.25 लाख किसानों ने नहीं कराई ई-केवाईसी, रुकेगी सम्मान निधि
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले दो लाख 25 हजार किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। इससे अप्रैल माह में जारी होने वाली 11वीं किस्त रुक सकती है। अब तक मात्र 1108 किसानों ने ही ई-केवाईसी कराई है, जबकि 31 मार्च तक अंतिम तिथि है।
कर्ज के बोझ से दबे और आत्महत्या कर रहे किसानों को राहत देने के लिए केंद्रीय बजट में किसानों को छह हजार रुपये वार्षिक देने की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पहली किस्त दिसंबर 2019 में जारी हुई थी। शुरूआती दौर में जिले में 1.71 लाख किसानों को योजना का लाभ मिला था। इसके बाद से किसानों की संख्या लगातार बढ़ती गई। वर्तमान में जिले के 2,26,280 किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। भारत सरकार की ओर से सख्त हिदायत दी गई है कि प्रत्येक लाभार्थी को ई- केवाइसी कराना अनिवार्य है। अप्रैल में किसानों को 11वीं किस्त जारी की जाएगी। उप निदेशक कृषि अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि किसानों को स्वयं केवाईसी करानी है। यदि समय से केवाईसी नहीं कराई गई तो किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। किसान अपने मोबाइल या सहज जन सेवा केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि अब तक 1108 किसानों की तरफ से ई-केवाईसी कराई गई है, जबकि दो लाख 25 हजार से अधिक किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। ज्ञात हो, योजना की शुरूआत में अभिलेखों का सत्यापन नहीं होने से बड़ी संख्या में अपात्र लाभ ले रहे हैं। जिसको लेकर विभागीय स्तर से नोटिस आदि भी जारी किया गया, लेकिन अब भी दो से तीन हजार की संख्या में लोग सरकार को चूना लगा रहे हैं। योजना में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिया है।
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कर्ज के बोझ से दबे और आत्महत्या कर रहे किसानों को राहत देने के लिए केंद्रीय बजट में किसानों को छह हजार रुपये वार्षिक देने की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पहली किस्त दिसंबर 2019 में जारी हुई थी। शुरूआती दौर में जिले में 1.71 लाख किसानों को योजना का लाभ मिला था। इसके बाद से किसानों की संख्या लगातार बढ़ती गई। वर्तमान में जिले के 2,26,280 किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। भारत सरकार की ओर से सख्त हिदायत दी गई है कि प्रत्येक लाभार्थी को ई- केवाइसी कराना अनिवार्य है। अप्रैल में किसानों को 11वीं किस्त जारी की जाएगी। उप निदेशक कृषि अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि किसानों को स्वयं केवाईसी करानी है। यदि समय से केवाईसी नहीं कराई गई तो किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। किसान अपने मोबाइल या सहज जन सेवा केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि अब तक 1108 किसानों की तरफ से ई-केवाईसी कराई गई है, जबकि दो लाख 25 हजार से अधिक किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। ज्ञात हो, योजना की शुरूआत में अभिलेखों का सत्यापन नहीं होने से बड़ी संख्या में अपात्र लाभ ले रहे हैं। जिसको लेकर विभागीय स्तर से नोटिस आदि भी जारी किया गया, लेकिन अब भी दो से तीन हजार की संख्या में लोग सरकार को चूना लगा रहे हैं। योजना में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिया है।
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