{"_id":"5cc73aebbdec22075e07539d","slug":"191556560619-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल एप से होगी मासूमों के ईलाज की निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोबाइल एप से होगी मासूमों के ईलाज की निगरानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ज्ञानपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में अब लापरवाही नहीं चलेगी। मोबाइल एप के जरिए मासूमों के इलाज की निगरानी होगी। मोबाइल हेल्थ टीम मौके पर गए बिना अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा सकेगी। हर बच्चे की जांच से लेकर इलाज तक का आंकड़ा मोबाइल एप पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा और जिला से लेकर राज्य स्तर तक इसकी मानीटरिंग होगी।
स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में काफी धांधली की जाती थी। टीमें मौके पर जाए बिना ही कागजों पर काम को ओेके कर देती थीं। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने अब मोबाइल एप से निगरानी रखने का निर्णय लिया है। योजना में सीएचसी, जिला अस्पताल और गंभीर बीमारियों के लिए मेडिकल कॉलेज तक फ्री में इलाज दिया जाएगा। इसकी मॉनीटरीग जिले स्तर से लेकर राज्य स्तर तक मोबाइल एप के माध्यम से होगी। यह एप स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों के मोबाइल पर भी होगा। इस एप के माध्यम से स्कूल और आंगनबाड़ी के मोबाइल पर तीन दिन पूर्व ही सूचना मिल जाएगी कि उनके यहां मोबाइल हेल्थ टीम की विजिट होने वाली है। योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में मोबाइल एप का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें ट्रेनर श्वेता यादव और दिनेश कुमार ने बारीकियों से अवगत कराया। मौके पर सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह, डॉ. जेसी सरोज आदि रहे। नोडल अधिकारी डॉ. जेसी सरोज ने बातया कि एप के माध्यम से लोकेशन और टाइम बेस रिपोर्टिंग से फर्जीबाड़ा नहीं चलेगा। कोई गतिविधि की जाती है तो एप के माध्यम से पकड़ में आ जाएगी।
स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में काफी धांधली की जाती थी। टीमें मौके पर जाए बिना ही कागजों पर काम को ओेके कर देती थीं। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने अब मोबाइल एप से निगरानी रखने का निर्णय लिया है। योजना में सीएचसी, जिला अस्पताल और गंभीर बीमारियों के लिए मेडिकल कॉलेज तक फ्री में इलाज दिया जाएगा। इसकी मॉनीटरीग जिले स्तर से लेकर राज्य स्तर तक मोबाइल एप के माध्यम से होगी। यह एप स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों के मोबाइल पर भी होगा। इस एप के माध्यम से स्कूल और आंगनबाड़ी के मोबाइल पर तीन दिन पूर्व ही सूचना मिल जाएगी कि उनके यहां मोबाइल हेल्थ टीम की विजिट होने वाली है। योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में मोबाइल एप का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें ट्रेनर श्वेता यादव और दिनेश कुमार ने बारीकियों से अवगत कराया। मौके पर सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह, डॉ. जेसी सरोज आदि रहे। नोडल अधिकारी डॉ. जेसी सरोज ने बातया कि एप के माध्यम से लोकेशन और टाइम बेस रिपोर्टिंग से फर्जीबाड़ा नहीं चलेगा। कोई गतिविधि की जाती है तो एप के माध्यम से पकड़ में आ जाएगी।
विज्ञापन