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कुंभ:मूलभूत सुविधाओं का बना अभाव,यात्री हलकान
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ज्ञानपुर। पूर्वोत्तर रेलवे का माधोसिंह-इलाहाबाद सिटी सेक्शन मंडलीय अधिकारियों की उपेक्षा का दंश झेल रहा है। गत दिनों निर्माण कार्यों को लेकर सुर्खियों में छाने के बाद भी न तो पेयजल की समस्या का ही समाधान हो सका और न ही यात्रियों को अन्य सुविधाएं ही मयस्सर हो सकीं। वर्तमान स्थिति में भी सेक्शन मूलभूत सुविधाओं के कारण अभाव अपनी पहचान कायम रखने तक ही सीमित हो चुका है।
प्रयागराज में शुरू हुए अर्द्धकुंभ को लेकर दो माह पहले से ही यात्री सुविधाओं को बढ़ाने से लेकर स्पेशल ट्रेनों के संचालन, रखरखाव, सुव्यवस्थित परिचालन व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए अधिकारियों ने काफी दौड़-भाग की, लेकिन कुंभ मेला के शुरुआती दौर में ही व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो सकीं, जिसका खामियाजा यात्रियों को भरना पड़ रहा है। कहने को तो दो प्लेटफार्म का निर्माण कराया गया है। बावजूद इसके दोनों प्लेटफार्मों पर नजर दौड़ाई जाए तो साफ-सफाई का अभाव, पेयजल संसाधनों का टोटा, बैठने के लिए यात्री शीटों का इधर-उधर बिखरे रहना पहचान बन चुकी है। उधर दोहरीकरण और स्टेशन विस्तारीकरण के तहत हो रहे निर्माण कार्यों में तरह-तरह के उपकरण प्लेटफार्मों की दशा ही बदल कर रख दी है। कुंभ के दौरान उमड़ने वाली यात्रियों की भारी भीड़ ट्रेनों पर उतरने व चढ़ने को लेकर किसी अनहोनी का भय हमेशा सताता रहता है। बार-बार की मनुहार भी मंडल स्तरीय अधिकारियों का मोह भंग नहीं कर सका, जिसका मलाल अभी यात्रियों में बना हुआ है। यही स्थिति कटका से औड़िहार सेक्शन का भी बना हुआ है।
उच्चाधिकारियों पहुंचाई समस्या
सेक्शन पर दुरूह बन चुकीं यात्री सुविधाओं को लेकर जब-जब कुछ जानने की जहमत उठाई जाती है, तब-तब जंगीगंज, ज्ञानपुर रोड, कटका, माधोसिंह आदि स्टेशनों पर तैनात अधीक्षकों का रटारटाया जवाब रहता है, कि मामले से मंडलीय अधिकारियों को अवगत तो कराया जा चुका है। रही बात कुंभ मेला को लेकर तैयारियों की तो हकीकत किसी से छिपी नहीं है। ए और बी श्रेणी के रेलवे स्टेशनों को धार देकर मध्य में स्थित स्टेशनों की सुधि न लेना भी उच्चाधिकारियों की जिम्मेदारी पर सवाल उठना लाजिमी है।
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स्वच्छता के नाम पर हो चुका है लाखों का वारा-न्यारा
वैसे तो दो छोर बंट चुके मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रेलखंड पर स्वच्छता के नाम पर लाखों रुपए का वारा-न्यारा हो चुका है। फिर भी न तो स्वच्छता नजर आती है और न ही स्वच्छता को अंजाम देने वाले। मात्र कागजी कोरम पूरा कर केंद्र सरकार की महती योजना का माखौल ही उड़ाया जा रहा है। प्लेटफार्म संख्या एक को ही प्रथम वरीयता देकर कुछ हद तक साफ-सफाई की जाती रही हो लेकिन दो नंबर को उपेक्षित रखना समझ से परे बनकर रह गया है।
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नहीं चालू हो सके सबमर्सिबल पंप
पिछले दिनों माधोसिंह-इलाहाबाद सिटी सेक्शन के स्टेशनों पर बेपटरी हो चुकी पेयजल व्यवस्था को सुुदृढ़ बनाने के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से सबमर्सिबल पंप की स्थापना कराकर यात्रियों की प्यास बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी ढाक के तीन पात वाली बात ही साबित हुई। इसका उदाहरण भी जंगीगंज स्टेेशन के प्लेटफार्म संख्या एक पर लगा पंप बयां कर रहा है। जो लगने के एक माह बाद भी न तो पानी दे सका और न ही चालू कराकर यात्रियों की प्यास बुझाई जा सकी।
नहीं हो सका प्रचार-प्रसार, दौड़ रहीं स्पेशल ट्रेनें
14 जनवरी को कुंभ के प्रथम स्नान को देखते हुए 13 जनवरी से ही पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर ने स्नानार्थियों की सुविधा को देखते हुए क्यों न दर्जनों की संख्या में भटनी, मऊ, मंडुआडीह वाया झूंसी के लिए ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया गया, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में यात्री स्टेशनों पर खड़े ही रह जा रहे हैं और ट्रेनें गंतव्य को रवाना हो रही हैं। रूटीन पर निर्धारित ट्रेनों से यात्रा विवशता बनी हुई है। इस बाबत स्टेशन अधीक्षक जंगीगंज पीसी राम ने बताया कि मंडल प्रशासन की ओर से अब तक कोई पत्र प्रेषित नहीं कराया गया है। केवल कंट्रोल के दिशा-निर्देश पर ही ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
प्रयागराज में शुरू हुए अर्द्धकुंभ को लेकर दो माह पहले से ही यात्री सुविधाओं को बढ़ाने से लेकर स्पेशल ट्रेनों के संचालन, रखरखाव, सुव्यवस्थित परिचालन व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए अधिकारियों ने काफी दौड़-भाग की, लेकिन कुंभ मेला के शुरुआती दौर में ही व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो सकीं, जिसका खामियाजा यात्रियों को भरना पड़ रहा है। कहने को तो दो प्लेटफार्म का निर्माण कराया गया है। बावजूद इसके दोनों प्लेटफार्मों पर नजर दौड़ाई जाए तो साफ-सफाई का अभाव, पेयजल संसाधनों का टोटा, बैठने के लिए यात्री शीटों का इधर-उधर बिखरे रहना पहचान बन चुकी है। उधर दोहरीकरण और स्टेशन विस्तारीकरण के तहत हो रहे निर्माण कार्यों में तरह-तरह के उपकरण प्लेटफार्मों की दशा ही बदल कर रख दी है। कुंभ के दौरान उमड़ने वाली यात्रियों की भारी भीड़ ट्रेनों पर उतरने व चढ़ने को लेकर किसी अनहोनी का भय हमेशा सताता रहता है। बार-बार की मनुहार भी मंडल स्तरीय अधिकारियों का मोह भंग नहीं कर सका, जिसका मलाल अभी यात्रियों में बना हुआ है। यही स्थिति कटका से औड़िहार सेक्शन का भी बना हुआ है।
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उच्चाधिकारियों पहुंचाई समस्या
सेक्शन पर दुरूह बन चुकीं यात्री सुविधाओं को लेकर जब-जब कुछ जानने की जहमत उठाई जाती है, तब-तब जंगीगंज, ज्ञानपुर रोड, कटका, माधोसिंह आदि स्टेशनों पर तैनात अधीक्षकों का रटारटाया जवाब रहता है, कि मामले से मंडलीय अधिकारियों को अवगत तो कराया जा चुका है। रही बात कुंभ मेला को लेकर तैयारियों की तो हकीकत किसी से छिपी नहीं है। ए और बी श्रेणी के रेलवे स्टेशनों को धार देकर मध्य में स्थित स्टेशनों की सुधि न लेना भी उच्चाधिकारियों की जिम्मेदारी पर सवाल उठना लाजिमी है।
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स्वच्छता के नाम पर हो चुका है लाखों का वारा-न्यारा
वैसे तो दो छोर बंट चुके मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रेलखंड पर स्वच्छता के नाम पर लाखों रुपए का वारा-न्यारा हो चुका है। फिर भी न तो स्वच्छता नजर आती है और न ही स्वच्छता को अंजाम देने वाले। मात्र कागजी कोरम पूरा कर केंद्र सरकार की महती योजना का माखौल ही उड़ाया जा रहा है। प्लेटफार्म संख्या एक को ही प्रथम वरीयता देकर कुछ हद तक साफ-सफाई की जाती रही हो लेकिन दो नंबर को उपेक्षित रखना समझ से परे बनकर रह गया है।
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नहीं चालू हो सके सबमर्सिबल पंप
पिछले दिनों माधोसिंह-इलाहाबाद सिटी सेक्शन के स्टेशनों पर बेपटरी हो चुकी पेयजल व्यवस्था को सुुदृढ़ बनाने के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से सबमर्सिबल पंप की स्थापना कराकर यात्रियों की प्यास बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी ढाक के तीन पात वाली बात ही साबित हुई। इसका उदाहरण भी जंगीगंज स्टेेशन के प्लेटफार्म संख्या एक पर लगा पंप बयां कर रहा है। जो लगने के एक माह बाद भी न तो पानी दे सका और न ही चालू कराकर यात्रियों की प्यास बुझाई जा सकी।
नहीं हो सका प्रचार-प्रसार, दौड़ रहीं स्पेशल ट्रेनें
14 जनवरी को कुंभ के प्रथम स्नान को देखते हुए 13 जनवरी से ही पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर ने स्नानार्थियों की सुविधा को देखते हुए क्यों न दर्जनों की संख्या में भटनी, मऊ, मंडुआडीह वाया झूंसी के लिए ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया गया, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में यात्री स्टेशनों पर खड़े ही रह जा रहे हैं और ट्रेनें गंतव्य को रवाना हो रही हैं। रूटीन पर निर्धारित ट्रेनों से यात्रा विवशता बनी हुई है। इस बाबत स्टेशन अधीक्षक जंगीगंज पीसी राम ने बताया कि मंडल प्रशासन की ओर से अब तक कोई पत्र प्रेषित नहीं कराया गया है। केवल कंट्रोल के दिशा-निर्देश पर ही ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।