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साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम
Updated Sun, 09 Dec 2018 12:16 AM IST
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भदोही। नगर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय में शनिवार को साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ब्लूरेजर इंफोसेक एजुकेशनल सोसाइटी के प्रमुख नदीम अंसारी ने छात्र-छात्राओं को बैंक खाते, आधार, डेबिट-क्रेडिट कार्ड की सूचनाओं को गोपनीय रखने के साथ-साथ फेसबुक, वाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया की गतिविधियों से भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि अव्वल तो यह हर किसी बैंक खाते के साथ मोबाइल और ईमेल आईडी पंजीकृत होना चाहिए।
कार्यक्रम में बताया गया कि आपके बैंक के अलावा ईमेल, फेसबुक, वाट्सएप आदि के खाते अति संवेदनशील होते हैं। जब आप कार्ड के माध्यम से भुगतान करते हैं तो आपके मोबाइल पर ओटीपी आता है। किसी को बताना नहीं चाहिए। उक्त ओटीपी साइबर अपराधी आपसे आपका ओटीपी हथियाकर आपके खाते से लाखों रुपये उड़ा सकते हैं। बताया कि ओटीपी बहुद्देशीय होता है, जिसका उपयोग ईमेल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन भुगतान करते समय होता है।
आपके ओटीपी के माध्यम से कोई आपके खाते में प्रवेश कर आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। छात्रों को बताया गया कि कंप्यूटर पर कोई भी पेज लिंक खोलने से पहले यह जरूर जान लें कि वह कहां से आया है। इसके अलावा, एड्रेस बार में एचटीटीपी के साथ एस लगा होना सुरक्षित पेज होने की गारंटी देता है। बताया कि मोबाइल के गलत उपयोग से बचने के लिए इस बात पर जरूर ध्यान दें कि अपना मोबाइल किसी अंजान आदमी के हाथ में न दें। कार्यक्रम के दौरान छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए गए। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. सत्येंद्र प्रसाद, डॉ. यशवीर सिंह, डॉ. वर्षारानी सिंह के अलावा शीतला यादव, नाजिया अंसारी, अशफिया अंसारी, विवेक मोदनवाल आदि शामिल रहे।
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कार्यक्रम में बताया गया कि आपके बैंक के अलावा ईमेल, फेसबुक, वाट्सएप आदि के खाते अति संवेदनशील होते हैं। जब आप कार्ड के माध्यम से भुगतान करते हैं तो आपके मोबाइल पर ओटीपी आता है। किसी को बताना नहीं चाहिए। उक्त ओटीपी साइबर अपराधी आपसे आपका ओटीपी हथियाकर आपके खाते से लाखों रुपये उड़ा सकते हैं। बताया कि ओटीपी बहुद्देशीय होता है, जिसका उपयोग ईमेल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन भुगतान करते समय होता है।
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आपके ओटीपी के माध्यम से कोई आपके खाते में प्रवेश कर आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। छात्रों को बताया गया कि कंप्यूटर पर कोई भी पेज लिंक खोलने से पहले यह जरूर जान लें कि वह कहां से आया है। इसके अलावा, एड्रेस बार में एचटीटीपी के साथ एस लगा होना सुरक्षित पेज होने की गारंटी देता है। बताया कि मोबाइल के गलत उपयोग से बचने के लिए इस बात पर जरूर ध्यान दें कि अपना मोबाइल किसी अंजान आदमी के हाथ में न दें। कार्यक्रम के दौरान छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए गए। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. सत्येंद्र प्रसाद, डॉ. यशवीर सिंह, डॉ. वर्षारानी सिंह के अलावा शीतला यादव, नाजिया अंसारी, अशफिया अंसारी, विवेक मोदनवाल आदि शामिल रहे।
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