{"_id":"5c0959abbdec2241b7710295","slug":"191544116651-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोधना स्कूल पहुंचे बीईओ, किया जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोधना स्कूल पहुंचे बीईओ, किया जांच
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ज्ञानपुर। डीघ विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोधना में बच्चों को न पढ़ाने संग अन्य विवादों की जांच करने खंड शिक्षा अधिकारी रविंद्र शुक्ला बृहस्पतिवार को स्कूल पहुंचे। उन्होंने विद्यालय में पठन-पाठन संग अन्य गतिविधियों को परखा।
बृहस्पतिवार दोपहर बाद खंड शिक्षा अधिकारी रविंद्र शुक्ला ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोधना पहुंचकर प्रधानाध्यापक रवींद्र दूबे संग अन्य शिक्षकों से वार्ता करने के साथ ही बच्चों का बयान दर्ज किया। अर्द्धवार्षिक परीक्षा में बच्चों की ओर से उत्तर पुस्तिका को सादा रखने के मामले की पड़ताल की। उन्होंने कहा कि उक्तउत्तर पुस्तिकाओं को भी मांगा गया है। उसकी जांच करने के बाद ही स्पष्ट होगा कि वह उत्तर पुस्तिका वहीं की है या कहीं और की। बीईओ ने कहा कि शिक्षकों को एक पखवाड़े का समय दिया गया है, जिसमें पठन पाठन में सुधार सहित अन्य व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। ग्राम प्रधान, एसएमसी अध्यक्ष समेत अभिभावकों के विरोध के बाद भी मामले को संजीदगी से नहीं लिया जा रहा है, जिससे स्कूल में पठन-पठन से माहौल प्रभावित हो रहा है।
बृहस्पतिवार दोपहर बाद खंड शिक्षा अधिकारी रविंद्र शुक्ला ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोधना पहुंचकर प्रधानाध्यापक रवींद्र दूबे संग अन्य शिक्षकों से वार्ता करने के साथ ही बच्चों का बयान दर्ज किया। अर्द्धवार्षिक परीक्षा में बच्चों की ओर से उत्तर पुस्तिका को सादा रखने के मामले की पड़ताल की। उन्होंने कहा कि उक्तउत्तर पुस्तिकाओं को भी मांगा गया है। उसकी जांच करने के बाद ही स्पष्ट होगा कि वह उत्तर पुस्तिका वहीं की है या कहीं और की। बीईओ ने कहा कि शिक्षकों को एक पखवाड़े का समय दिया गया है, जिसमें पठन पाठन में सुधार सहित अन्य व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। ग्राम प्रधान, एसएमसी अध्यक्ष समेत अभिभावकों के विरोध के बाद भी मामले को संजीदगी से नहीं लिया जा रहा है, जिससे स्कूल में पठन-पठन से माहौल प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन