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19 हजार श्रमिकों को नहीं मिलेगी आर्थिक मदद
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ज्ञानपुर। लॉकडाउन के कारण काम धंधा ठप होने से घर बैठे श्रमिकों के लिए एक हजार की सहायता राशि जिले के 19 हजार श्रमिक नहीं पाएंगे। नवीनीकरण न होने के कारण ऐसे श्रमिक योजना से बाहर हो गए हैं। श्रम विभाग ने 13 हजार श्रमिकों की फाइनल सूची शासन को भेज दी है।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए दो माह तक देश लॉकडाउन रहा। एक जून से अनलॉक शुरू हो गया। हालांकि अब भी सतर्कता बरती जा रही है। शासन की ओर से मार्च में ही घर बैठने वाले श्रमिकों को हर माह एक-एक हजार की सहायता देने की घोषणा की गई थी। अप्रैल-मई और जून तीन महीने तक इसका लाभ देना था, लेकिन श्रम विभाग की ओर से अब तक पहली किस्त ही श्रमिकों को मिल सकी। मात्र 20 रुपये का पंजीकरण शुल्क न जमा करने से 19 हजार से अधिक श्रमिक लाभ सूची से बाहर हो गए। श्रमिकों ने पंजीकरण क्यों नहीं कराया, यह स्पष्ट नहीं है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम की चलाई जा रही योजनाओं के लिए श्रमिकों के साथ अन्य लोगों ने भी पंजीकरण कराया, लेकिन बाद में लाभ लेने के बाद नवीनीकरण नहीं कराए। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले में कुल 32 हजार पंजीकृत श्रमिक हैं, जिनमें 13 हजार 209 ही सक्रिय हैं। विभाग की ओर से 12041 श्रमिकों को एक-एक हजार की पहली किस्त मिल चुकी है। 1168 श्रमिकों के बैंक डिटेल और आधार डिटेल न होने से खाते में पैसा नहीं जा सका।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रतिमा मौर्य ने कहा कि लॉकडाउन में एक-एक हजार रुपये की किस्त सिर्फ उन्हीं श्रमिकों के खातों में भेजी गई है, जिन्होंने 23 मार्च से पहले पंजीकरण कराया है। दूसरी किस्त भेजने की प्रक्रिया चल रही है। 19 हजार श्रमिकों का पंजीकरण न होने से स्वत: वह लाभ की सूची से बाहर हो गए।
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कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए दो माह तक देश लॉकडाउन रहा। एक जून से अनलॉक शुरू हो गया। हालांकि अब भी सतर्कता बरती जा रही है। शासन की ओर से मार्च में ही घर बैठने वाले श्रमिकों को हर माह एक-एक हजार की सहायता देने की घोषणा की गई थी। अप्रैल-मई और जून तीन महीने तक इसका लाभ देना था, लेकिन श्रम विभाग की ओर से अब तक पहली किस्त ही श्रमिकों को मिल सकी। मात्र 20 रुपये का पंजीकरण शुल्क न जमा करने से 19 हजार से अधिक श्रमिक लाभ सूची से बाहर हो गए। श्रमिकों ने पंजीकरण क्यों नहीं कराया, यह स्पष्ट नहीं है।
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विभागीय सूत्रों की मानें तो भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम की चलाई जा रही योजनाओं के लिए श्रमिकों के साथ अन्य लोगों ने भी पंजीकरण कराया, लेकिन बाद में लाभ लेने के बाद नवीनीकरण नहीं कराए। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले में कुल 32 हजार पंजीकृत श्रमिक हैं, जिनमें 13 हजार 209 ही सक्रिय हैं। विभाग की ओर से 12041 श्रमिकों को एक-एक हजार की पहली किस्त मिल चुकी है। 1168 श्रमिकों के बैंक डिटेल और आधार डिटेल न होने से खाते में पैसा नहीं जा सका।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रतिमा मौर्य ने कहा कि लॉकडाउन में एक-एक हजार रुपये की किस्त सिर्फ उन्हीं श्रमिकों के खातों में भेजी गई है, जिन्होंने 23 मार्च से पहले पंजीकरण कराया है। दूसरी किस्त भेजने की प्रक्रिया चल रही है। 19 हजार श्रमिकों का पंजीकरण न होने से स्वत: वह लाभ की सूची से बाहर हो गए।