{"_id":"5c8bec50bdec22142773a8ef","slug":"181552673872-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम के बिगड़ने से बच्चे भी हुए प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम के बिगड़ने से बच्चे भी हुए प्रभावित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ज्ञानपुर। मौसम परिवर्तन और बेमौसम बारिश से किशोर ही नहीं बल्कि बच्चों में भी संक्रमण बढ़ गया है। ज्ञानपुर जिला अस्पताल में फरवरी में लगभग 1500 बच्चों को परामर्श दिया गया। वहीं मार्च में प्रतिदिन 50 से 60 बच्चों को देखा जा रहा है। इसमें वायरल डायरिया, सर्दी जुकाम, चर्म रोग आदि रोगों के मरीजों को भारी संख्या में इलाज किया गया।
फरवरी महीने से ठंड का मौ म प्रभावित और हल्काफुल्का बारिश होने से मौसम के बदलाव के कारण संक्रमण से होने वाली बीमारियों के कारण प्रतिदिन जिला चिकित्सालय की ओपीडी मरीजों से पटी रहती है। इसमें किशोर, वृद्धों के साथ साथ बच्चों को भी संक्रमण से जुझना पड़ रहा है। सीएचसी के चिकित्सकों ने कहा कि फरवरी महीने में लगभग 1200-1500 बच्चों का इलाज किया गया था जिसमें वायरल डायरिया और उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या ज्यादा थी। बाल रोग विशेषज्ञ और बाल रोग परामर्श डॉ. आरपी गुप्ता और डीवीएस दूबे ने बताया कि फरवरी महीने के बाद मार्च महीने में भी प्रतिदिन 50 से 60 बच्चों को परामर्श दी जाती है। डाक्टरों ने कहा कि ज्यादातर बच्चे वायरल डायरिया, सर्दी जुकाम और उल्टी दस्त से पीड़ित बच्चे पाए जा रहे हैं। डॉ. आरपी गुप्ता ने कहा कि नवजात शिशु से लेकर 15 वर्ष के बच्चों में से एक दिन से लेकर पांच वर्ष के बच्चों का इलाज ज्यादातर किया गया।
फरवरी महीने से ठंड का मौ म प्रभावित और हल्काफुल्का बारिश होने से मौसम के बदलाव के कारण संक्रमण से होने वाली बीमारियों के कारण प्रतिदिन जिला चिकित्सालय की ओपीडी मरीजों से पटी रहती है। इसमें किशोर, वृद्धों के साथ साथ बच्चों को भी संक्रमण से जुझना पड़ रहा है। सीएचसी के चिकित्सकों ने कहा कि फरवरी महीने में लगभग 1200-1500 बच्चों का इलाज किया गया था जिसमें वायरल डायरिया और उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या ज्यादा थी। बाल रोग विशेषज्ञ और बाल रोग परामर्श डॉ. आरपी गुप्ता और डीवीएस दूबे ने बताया कि फरवरी महीने के बाद मार्च महीने में भी प्रतिदिन 50 से 60 बच्चों को परामर्श दी जाती है। डाक्टरों ने कहा कि ज्यादातर बच्चे वायरल डायरिया, सर्दी जुकाम और उल्टी दस्त से पीड़ित बच्चे पाए जा रहे हैं। डॉ. आरपी गुप्ता ने कहा कि नवजात शिशु से लेकर 15 वर्ष के बच्चों में से एक दिन से लेकर पांच वर्ष के बच्चों का इलाज ज्यादातर किया गया।
विज्ञापन