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पानी के अभाव में सूख रही धान की फसल
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:07 AM IST
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पानी के अभाव में सूख रही धान की फसल
बरसात न होने से किसान डूबे चिंता में
अमर उजाला ब्यूरो
ज्ञानपुर।
जहां एक ओर देश के कई हिस्से में अत्यधिक बरसात होने से बाढ़ कहर बरपा रही है। वहीं, भदोही जनपद में बरसात न होने से सूखे के हालात पैदा हो गए हैं। धान की फसल पानी के अभाव में सूख रही है।
किसान अपनी फसल को लेकर चिंता में डूब गए हैं। किसान अपनी फसल को बचाने के लिए सिंचाई कार्य में जी जान से जुट गए हैं। नलकूप, नहर के माध्यम से धान की सिंचाई कर रहे हैं। यही नहीं, सिंचाई की पुरानी विधा दौरी से छोपाई भी की जा रही है। किसान अथक परिश्रम करके अपनी फसल को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। सिंंचाई की पुरानी विधा दौरी छोपाई में अत्यधिक श्रम लगता है। फिर भी गरीब किसान अपनी फसल को बचाने के लिए छोपाई कर रहे हैं। जनपद में कुछ दिनों से बरसात नहीं हो रही है। कुछ दिन पहले हल्की बरसात हुई थी, तो धान की फसल के लिए नाकाफी साबित हुई। पानी के अभाव फसलों का स्वरूप बिगड़ रहा है। यदि कुछ दिन में बरसात नहीं हुई तो धान की फसल को काफी नुकसान होगा। फसल सूखने पर किसानों की कमर टूट जाएगी। किसान बरसात के लिए भगवान से प्रार्थना करने लगे हैं। प्रार्थना साकार होने पर ही किसानों की फसल बच पाएगी।
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पानी के अभाव में सूख रही धान की फसल
बरसात न होने से किसान डूबे चिंता में
अमर उजाला ब्यूरो
ज्ञानपुर।
जहां एक ओर देश के कई हिस्से में अत्यधिक बरसात होने से बाढ़ कहर बरपा रही है। वहीं, भदोही जनपद में बरसात न होने से सूखे के हालात पैदा हो गए हैं। धान की फसल पानी के अभाव में सूख रही है।
किसान अपनी फसल को लेकर चिंता में डूब गए हैं। किसान अपनी फसल को बचाने के लिए सिंचाई कार्य में जी जान से जुट गए हैं। नलकूप, नहर के माध्यम से धान की सिंचाई कर रहे हैं। यही नहीं, सिंचाई की पुरानी विधा दौरी से छोपाई भी की जा रही है। किसान अथक परिश्रम करके अपनी फसल को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। सिंंचाई की पुरानी विधा दौरी छोपाई में अत्यधिक श्रम लगता है। फिर भी गरीब किसान अपनी फसल को बचाने के लिए छोपाई कर रहे हैं। जनपद में कुछ दिनों से बरसात नहीं हो रही है। कुछ दिन पहले हल्की बरसात हुई थी, तो धान की फसल के लिए नाकाफी साबित हुई। पानी के अभाव फसलों का स्वरूप बिगड़ रहा है। यदि कुछ दिन में बरसात नहीं हुई तो धान की फसल को काफी नुकसान होगा। फसल सूखने पर किसानों की कमर टूट जाएगी। किसान बरसात के लिए भगवान से प्रार्थना करने लगे हैं। प्रार्थना साकार होने पर ही किसानों की फसल बच पाएगी।
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