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ढाई करोड़ से बदलेगी लांगनवारी की तस्वीर
Updated Tue, 12 Dec 2017 01:02 AM IST
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अभिनेत्री एवं राज्यसभा सांसद जया बच्चन के गोद लिए मोढ़ क्षेत्र के गांव लांगनवारी की सांसद निधि से गांव की तस्वीर बदलेगी। पखवारे भर पूर्व सांसद निधि से विकास कार्य कराने के लिए ढाई करोड़ रुपये जारी किए गए। इससे गांव में इंटरलाकिंग, सड़क समेत अन्य जरूरी विकास कराए जाएंगे। प्रशासन की ओर से बनाए गए प्रस्ताव पर काम कराने की कवायद तेज हो गई है।
सांसद जया बच्चन ने पांच साल पूर्व भदोही जिले को अपना नोडल जिला बनाया था। उसके बाद दत्तीपुर गांव को गोद लेकर वहां विकास कार्य कराने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी। तीन-चार साल के दौरान दत्तीपुर गांव में पांच करोड़ से अधिक की धनराशि से इंटरलाकिंग, नाले पर पुल, सड़क आदि बनाए गए। गांव में कार्य पूर्ण होने के बाद सांसद ने मोढ़ के लांगनवारी गांव का चयन किया। साल भर पूर्व बने प्रस्ताव पर गांव में जहां कार्य कराए जा रहे हैं, वहीं अन्य विकास कार्य कराने के लिए पखवारे भर पूर्व सांसद निधि से ढाई करोड़ जारी किए गए। इससे गांव में तमाम प्रस्तावित कार्य कराए जाएंगे। परियोजना निदेशक डीआरडीए आरएन सिंह ने कहा कि ढाई करोड़ रुपये आ चुके हैं। लांगनवारी गांव में प्रस्तावित कार्यों को कराने की शुरुआत कर दी गई है।
इनसेट
विकास के लिए मिलते 30 करोड़
ज्ञानपुर। प्रशासन की उदासीनता कहें या जया के प्रतिनिधियों की, समय-समय पर प्रस्ताव बनता तो राज्यसभा सांसद जया बच्चन के निधि से जिले में विकास के लिए 30 करोड़ रुपये मिलते। राज्यसभा सांसद का कार्यकाल छह साल के लिए होता है। उनकी निधि में विकास के लिए प्रति वर्ष पांच करोड़ मिलता है। छह साल का कार्यकाल मार्च 2018 में खत्म हो जाएगा, लेकिन जिले में अब तक सिर्फ 10 करोड़ का ही कार्य हो सका। विकास भवन के एक कर्मचारी की मानें तो प्रस्ताव बनता तो 30 करोड़ मिलता। परियोजना निदेशक आरएन सिंह ने कहा कि प्रशासन उनकी निधि में अलग से कुछ नहीं कर सकता। सांसद खुद प्रस्ताव बनाकर देतीं तो प्रशासन कुछ करता।
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सांसद जया बच्चन ने पांच साल पूर्व भदोही जिले को अपना नोडल जिला बनाया था। उसके बाद दत्तीपुर गांव को गोद लेकर वहां विकास कार्य कराने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी। तीन-चार साल के दौरान दत्तीपुर गांव में पांच करोड़ से अधिक की धनराशि से इंटरलाकिंग, नाले पर पुल, सड़क आदि बनाए गए। गांव में कार्य पूर्ण होने के बाद सांसद ने मोढ़ के लांगनवारी गांव का चयन किया। साल भर पूर्व बने प्रस्ताव पर गांव में जहां कार्य कराए जा रहे हैं, वहीं अन्य विकास कार्य कराने के लिए पखवारे भर पूर्व सांसद निधि से ढाई करोड़ जारी किए गए। इससे गांव में तमाम प्रस्तावित कार्य कराए जाएंगे। परियोजना निदेशक डीआरडीए आरएन सिंह ने कहा कि ढाई करोड़ रुपये आ चुके हैं। लांगनवारी गांव में प्रस्तावित कार्यों को कराने की शुरुआत कर दी गई है।
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विकास के लिए मिलते 30 करोड़
ज्ञानपुर। प्रशासन की उदासीनता कहें या जया के प्रतिनिधियों की, समय-समय पर प्रस्ताव बनता तो राज्यसभा सांसद जया बच्चन के निधि से जिले में विकास के लिए 30 करोड़ रुपये मिलते। राज्यसभा सांसद का कार्यकाल छह साल के लिए होता है। उनकी निधि में विकास के लिए प्रति वर्ष पांच करोड़ मिलता है। छह साल का कार्यकाल मार्च 2018 में खत्म हो जाएगा, लेकिन जिले में अब तक सिर्फ 10 करोड़ का ही कार्य हो सका। विकास भवन के एक कर्मचारी की मानें तो प्रस्ताव बनता तो 30 करोड़ मिलता। परियोजना निदेशक आरएन सिंह ने कहा कि प्रशासन उनकी निधि में अलग से कुछ नहीं कर सकता। सांसद खुद प्रस्ताव बनाकर देतीं तो प्रशासन कुछ करता।
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