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नियम की अनदेखी, 100 विद्यार्थियों पर 10 अध्यापकों की नियुक्ति
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:51 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का बेहतर माहौल बनाने के लिए सरकार की ओर से भले ही तमाम प्रयास हो रहा है लेकिन जिले में शिक्षण व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। आरटीई के नियमों को ताख पर रखकर स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की गई है। एक-दो नहीं बल्कि 25 से अधिक विद्यालयों में 100 बच्चों पर आठ से लेकर 10 शिक्षक तैनात हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं ला पा रहा है। पठन-पाठन से लेकर शिक्षकों की तैनाती में मानक को दरकिनार किया जा रहा है।
आरटीई का मानक है कि प्राथमिक में 40 और पूर्व माध्यमिक में 35 बच्चों पर एक शिक्षक होने चाहिए लेकिन जिले के 25 से अधिक ऐसे विद्यालय हैं जहां 100-100 विद्यार्धियों पर आठ से 10 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। विभागीय कृपा से चहेतों को मनपसंद विद्यालय दिया गया है जबकि कई ऐसे विद्यालय हैं जहां एक या दो शिक्षकों के सहारे ही 100 से अधिक बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने नियुक्ति के मामले में नियमों की अनदेखी करते हुए मनमानी नियुक्ति की है। उदाहरण के तौर पर ज्ञानपुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय कंसापुर में 107 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, इस विद्यालय में 10 शिक्षक कार्यरत है। इनमें तीन शिक्षामित्र शामिल हैं। इस विद्यालय में शिक्षकों में जमकर गुटबाजी भी है। प्रधानाध्यापिका निलंबित है। प्रधानाध्यापक के कमरे में ताला बंद है। चाभी किसके पास है, कोई बताने को तैयार नहीं है। प्राथमिक विद्यालय चकवा में भी 100 विद्यार्थियों पर 10 शिक्षक कार्यरत है। ऐसे ही जीटी रोड से सटे विद्यालयों में मानक दरकिनार कर तैनाती की गई है।
कुछ विद्यालयों में मानक से अधिक शिक्षकों के नियुक्ति का मामला संज्ञान में हैं। जल्द ही नियुक्ति अनुपात में सुधार कर लिया जाएगा। शिक्षकों को स्थानांतरित कर स्थिति में सुधार किया जाएगा। - पीएन श्रीवास्तव, बीएसए भदोही
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परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का बेहतर माहौल बनाने के लिए सरकार की ओर से भले ही तमाम प्रयास हो रहा है लेकिन जिले में शिक्षण व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। आरटीई के नियमों को ताख पर रखकर स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की गई है। एक-दो नहीं बल्कि 25 से अधिक विद्यालयों में 100 बच्चों पर आठ से लेकर 10 शिक्षक तैनात हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं ला पा रहा है। पठन-पाठन से लेकर शिक्षकों की तैनाती में मानक को दरकिनार किया जा रहा है।
आरटीई का मानक है कि प्राथमिक में 40 और पूर्व माध्यमिक में 35 बच्चों पर एक शिक्षक होने चाहिए लेकिन जिले के 25 से अधिक ऐसे विद्यालय हैं जहां 100-100 विद्यार्धियों पर आठ से 10 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। विभागीय कृपा से चहेतों को मनपसंद विद्यालय दिया गया है जबकि कई ऐसे विद्यालय हैं जहां एक या दो शिक्षकों के सहारे ही 100 से अधिक बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने नियुक्ति के मामले में नियमों की अनदेखी करते हुए मनमानी नियुक्ति की है। उदाहरण के तौर पर ज्ञानपुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय कंसापुर में 107 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, इस विद्यालय में 10 शिक्षक कार्यरत है। इनमें तीन शिक्षामित्र शामिल हैं। इस विद्यालय में शिक्षकों में जमकर गुटबाजी भी है। प्रधानाध्यापिका निलंबित है। प्रधानाध्यापक के कमरे में ताला बंद है। चाभी किसके पास है, कोई बताने को तैयार नहीं है। प्राथमिक विद्यालय चकवा में भी 100 विद्यार्थियों पर 10 शिक्षक कार्यरत है। ऐसे ही जीटी रोड से सटे विद्यालयों में मानक दरकिनार कर तैनाती की गई है।
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कुछ विद्यालयों में मानक से अधिक शिक्षकों के नियुक्ति का मामला संज्ञान में हैं। जल्द ही नियुक्ति अनुपात में सुधार कर लिया जाएगा। शिक्षकों को स्थानांतरित कर स्थिति में सुधार किया जाएगा। - पीएन श्रीवास्तव, बीएसए भदोही
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