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दूधारू पशुओं को दें महफूज आसियांना
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ज्ञानपुर। बिन मौसम बारिश और ठंड में बढ़ोतरी दुधारू पशुओं के लिए मुश्किलों का सबब बन चली है। इस मौसम में पशुओं को बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में उनकी देखरेख से जुड़ी कुछ सावधानियां बरत कर उन्हें बचाया जा सकता है।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेडी सिंह के मुताबिक ठंड लगने से दुधारू पशु खाना-पीना छोड़ देते हैं और उनके दूध में 50 फीसदी तक कमी हो सकती है। ठंड के सीजन में इनके कमरे में गर्म राख जमीन पर डालकर उन्हें ठंड से बचाया जा सकता है। डॉ. सिंह ने बताया कि बिन मौसम बारिश और ठंड दुधारू पशुओं के लिए उपयुक्त नहीं है। पशुओं की नाक से पानी आने लगता है। इसे हाइपोथर्मिया नामक बीमारी कहा जाता है। इससे पशु काफी कमजोर हो जाते हैं। दुधारू पशुु 60 फीसदी कम दूध देने लगते हैं। ठंड से ग्रसित पशुओं को 250 ग्राम गुड़, 250 ग्राम प्याज, 100 ग्राम अजवाइन, 100 ग्राम अदरक और 50 ग्राम तेल में पका कर दिन में एक बार देना चाहिए। हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें डाक्टरों की सलाह पर ओलोनसेफ या पैन प्लस की एक-एक गोली सुबह शाम या होमियोपैथ की ब्रायोनिया 30 पावर की 10-10 बूंदे तीन या चार घंटे के अंतराल पर करीब चार या पांच दिन देने से पशुओं को राहत मिलेगी। डॉ. जेडी सिंह ने बताया कि पहले से ही कमजोर पशुओं में ठंड के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। इसलिए इन्हें दवाओं के साथ क्रीमीनाशक दवा देनी चाहिए। बताया कि गुनगुने पानी के साथ हरे चारे को भूसा या पुआल में मिलाकर देना चाहिए। पशुओं को संक्रमण से बचाने के लिए सुबह-शाम नाद को साफ कर देना चाहिए।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेडी सिंह के मुताबिक ठंड लगने से दुधारू पशु खाना-पीना छोड़ देते हैं और उनके दूध में 50 फीसदी तक कमी हो सकती है। ठंड के सीजन में इनके कमरे में गर्म राख जमीन पर डालकर उन्हें ठंड से बचाया जा सकता है। डॉ. सिंह ने बताया कि बिन मौसम बारिश और ठंड दुधारू पशुओं के लिए उपयुक्त नहीं है। पशुओं की नाक से पानी आने लगता है। इसे हाइपोथर्मिया नामक बीमारी कहा जाता है। इससे पशु काफी कमजोर हो जाते हैं। दुधारू पशुु 60 फीसदी कम दूध देने लगते हैं। ठंड से ग्रसित पशुओं को 250 ग्राम गुड़, 250 ग्राम प्याज, 100 ग्राम अजवाइन, 100 ग्राम अदरक और 50 ग्राम तेल में पका कर दिन में एक बार देना चाहिए। हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें डाक्टरों की सलाह पर ओलोनसेफ या पैन प्लस की एक-एक गोली सुबह शाम या होमियोपैथ की ब्रायोनिया 30 पावर की 10-10 बूंदे तीन या चार घंटे के अंतराल पर करीब चार या पांच दिन देने से पशुओं को राहत मिलेगी। डॉ. जेडी सिंह ने बताया कि पहले से ही कमजोर पशुओं में ठंड के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। इसलिए इन्हें दवाओं के साथ क्रीमीनाशक दवा देनी चाहिए। बताया कि गुनगुने पानी के साथ हरे चारे को भूसा या पुआल में मिलाकर देना चाहिए। पशुओं को संक्रमण से बचाने के लिए सुबह-शाम नाद को साफ कर देना चाहिए।
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