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दीपावली में सजा मिलावट का बाजार 17-24-52
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:46 AM IST
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ज्ञानपुर। रोशनी और खुशियों के पर्व दीपावली पर मिलावट का बाजार भी सज गया है। खाद्य पदार्थ से लेकर मिठाई में बड़े स्तर पर मिलावट हो रही है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई अभियान नहीं चलाया गया। त्योहारी सीजन में आपूर्ति के मुकाबले मांग बढ़ने से बाजारों में घी, तेल, खोवा समेत अन्य जरूरी सामग्रियों की कमी हो जाती है। उसकी भरपाई के लिए मिलावटखोर बाजार में मिलावटी खाद्य सामग्रियों की खेप उतार देते हैं। होली और दीपावली जैसे पर्वों पर इसकी मात्रा काफी अधिक हो जाती है। आर्थिक रूप से कमजोर लोग सस्ते के चक्कर में भी मिलावटखोरी में फंस जाते हैं। जिसके सेवन से लोगों को तमाम प्रकार की बीमारी जकड़ लेती है। खोवा, बेसन, तेल आदि की मांग अधिक होने से सबसे अधिक मिलावट भी इसी में की जाती है। खाद्य एवं औषधीय प्रशासन विभाग की ओर से 2017 की दीपावली से अब तक छापेमारी में कुल 186 सैंपल लिए गए, जिनमें से 80 में मिलावटखोरी पाई गई और उनके खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई की गई। कार्रवाई में 12 लाख का जुर्माना वसूला गया। ज्ञानपुर के मिठाई कारोबारी रवि मोदनवाल ने बताया कि ज्यादातर सामान बाहर से ही मंगाए जाते हैं। इसलिए स्थानीय स्तर पर मिलावट की आशंका नहीं रहती। यहां तक कि जिले के बाजारों में मिठाई बनाने के लिए भी खोवा मिर्जापुर से और छेना बनारस से मंगाया जाता है। कहा कि दीपावली में खोवा और छेना की अपेक्षा घी से निर्मित मिठाइयों की मांग ज्यादा रहती है। इसमें सोनपापड़ी और लड्डू आदि ज्यादा पसंद किए जाते हैं।
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