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समग्र गावों की हालत खराब, कागजों में ही विकास
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ज्ञानपुर।। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाले समग्र ग्राम विकास योजना का हाल जिले में बदहाल है। अफसर संबंधित गांवों के विकास को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। साल भर से अधिक समय गुजरने के बाद भी गांवों में विकास के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। डीएम के सख्त निर्देश के बाद भी अफसर संजीदा नहीं है।
जिले में वित्तीय वर्ष 2018- 19 में 24 गांवों का चयन मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना में होना था लेकिन इसमें सिर्फ 16 गांवों का चयन हो सका। संबंधित गांवों में सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता से कराना था लेकिन गिने-चुने कार्य को छोड़ कर एक भी काम नहीं हो सका। पूर्व में प्रमुख सचिव ग्राम विकास ने संबंधित विभागों को पत्र लिख कर भी कहा था कि अगर आपके पास बजट की कमी है तो उसके लिए अपनी जरूरत बताएं लेकिन न तो जवाब नहीं दिया गया और न ही गांवों में सड़क, खड़ंजा, आवास, राशन कार्ड, शौचालय समेत अन्य विकासपरक कार्य सिर्फ कागजों में ही दौड़ते रहे। योजना में जिन गांवों को शामिल किया था उसमें मवैयाहरदोपट्टी, महराजगंज, चंद्रपुरा ,बंदीपट्टी, बालीपुर, बवरीबोझ, महदेवपुर, भूसौला, हरीहरपुर, सनकडीह, पिपरीस, पिपरी, बरदहां, रजईपुर, कुरमैचा, गुलौरी शामिल हैं। गांवों में विकास कार्यों की जांच के लिए जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने नोडल अधिकारियों की भी नामित किया है। अब नोडल अधिकारी गांवों में जाकर जांच करेंगे कि एक साल में क्या कार्य हुए। जिन गांवों में कार्य सही नहीं मिलेंगे संबंधित सेक्रेटरी से लेकर अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों पर कार्रवाई तय होगी।
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जिले में वित्तीय वर्ष 2018- 19 में 24 गांवों का चयन मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना में होना था लेकिन इसमें सिर्फ 16 गांवों का चयन हो सका। संबंधित गांवों में सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता से कराना था लेकिन गिने-चुने कार्य को छोड़ कर एक भी काम नहीं हो सका। पूर्व में प्रमुख सचिव ग्राम विकास ने संबंधित विभागों को पत्र लिख कर भी कहा था कि अगर आपके पास बजट की कमी है तो उसके लिए अपनी जरूरत बताएं लेकिन न तो जवाब नहीं दिया गया और न ही गांवों में सड़क, खड़ंजा, आवास, राशन कार्ड, शौचालय समेत अन्य विकासपरक कार्य सिर्फ कागजों में ही दौड़ते रहे। योजना में जिन गांवों को शामिल किया था उसमें मवैयाहरदोपट्टी, महराजगंज, चंद्रपुरा ,बंदीपट्टी, बालीपुर, बवरीबोझ, महदेवपुर, भूसौला, हरीहरपुर, सनकडीह, पिपरीस, पिपरी, बरदहां, रजईपुर, कुरमैचा, गुलौरी शामिल हैं। गांवों में विकास कार्यों की जांच के लिए जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने नोडल अधिकारियों की भी नामित किया है। अब नोडल अधिकारी गांवों में जाकर जांच करेंगे कि एक साल में क्या कार्य हुए। जिन गांवों में कार्य सही नहीं मिलेंगे संबंधित सेक्रेटरी से लेकर अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों पर कार्रवाई तय होगी।
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