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लावारिस पड़े करोड़ों के विद्युत उपकरण,होंगे बर्बाद
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ज्ञानपुर। बिजली विभाग की कार्यप्रणाली भी माशाअल्लाह है। मोढ़ क्षेत्र के बरदहवा पावर हाउस पर लगे लाखों के बिजली उपकरण और मशीनें खुले आसमान के नीचे ला कर लावारिस छोड़ दी गईं हैं। अब बारिश में ये मशीनें भीग कर खराब हो रहीं हैं। मशीनें खुले आसमान के नीचे छोड़ कर कार्यदायी संस्था के लोग गायब हो गए हैं।
बरदहवां पावर हाउस के बाहर करोड़ों की लागत से क्रय किए गए विद्युत उपकरणों को लावारिस हाल में छोड़ दिया गया है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जबकि विभाग सभी उपकरणों को सौभाग्य योजना के मद में होने की बात कह कर कार्यदायी संस्था पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ रहा है। केंद्र सरकार की ओर से सौभाग्य योजना के जरिए घर-घर बिजली पहुंचाने का जिम्मा एनसीसी नामक संस्था को दिया गया है। लेकिन, कई इलाकों में काम सुचारु रूप से नहीं हो पाए। इसका उदाहरण मोढ़ का बरदहवां पावर हाउस पर भी देखा जा सकता है। इस पावर हाउस से सौ से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। करोड़ों रुपये के पैनल और अन्य उपकरण उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने उपलब्ध कराकर व्यवस्था को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया, लेकिन संस्था न तो उपकरणों को पावर हाउस में लगवा सकी और न ही विभाग को हैंडओवर कर सकी। लगभग छह माह से करोड़ों के उपकरण लावारिस हालात में खुले आसमान के नीचे धूल फांक रहे हैं। अब बारिश में भीगने लगे हैं। जेई ओमप्रकाश कनौजिया ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
ज्ञानपुर। जिले में संचालित दर्जन भर से अधिक विद्युत उपकेंद्रों के जर्जर हो जाने से फीडर का भार उठा रहीं मशीनों के ब्लास्ट होने की आशंका बढ़ गई है। विभागीय पेच में फंसा पुनर्निर्माण कार्य जोर न पकड़ने से बारिश के दिनों में स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। जो बरदहवां पावर हाउस को देखने से ही सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग अपने ही कार्यों को लेकर कितना संजीदा रहता है। बता दें कि शनिवार की सुबह से शुरू हुई बारिश में पावर हाउस की छत टपकने से कर्मचारी प्लास्टिक तिरपाल से मशीनों को बचाने में लगे रहे। यही स्थिति कर्मचारियों के आवासीय भवनों की भी रही।
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बरदहवां पावर हाउस के बाहर करोड़ों की लागत से क्रय किए गए विद्युत उपकरणों को लावारिस हाल में छोड़ दिया गया है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जबकि विभाग सभी उपकरणों को सौभाग्य योजना के मद में होने की बात कह कर कार्यदायी संस्था पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ रहा है। केंद्र सरकार की ओर से सौभाग्य योजना के जरिए घर-घर बिजली पहुंचाने का जिम्मा एनसीसी नामक संस्था को दिया गया है। लेकिन, कई इलाकों में काम सुचारु रूप से नहीं हो पाए। इसका उदाहरण मोढ़ का बरदहवां पावर हाउस पर भी देखा जा सकता है। इस पावर हाउस से सौ से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। करोड़ों रुपये के पैनल और अन्य उपकरण उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने उपलब्ध कराकर व्यवस्था को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया, लेकिन संस्था न तो उपकरणों को पावर हाउस में लगवा सकी और न ही विभाग को हैंडओवर कर सकी। लगभग छह माह से करोड़ों के उपकरण लावारिस हालात में खुले आसमान के नीचे धूल फांक रहे हैं। अब बारिश में भीगने लगे हैं। जेई ओमप्रकाश कनौजिया ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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ज्ञानपुर। जिले में संचालित दर्जन भर से अधिक विद्युत उपकेंद्रों के जर्जर हो जाने से फीडर का भार उठा रहीं मशीनों के ब्लास्ट होने की आशंका बढ़ गई है। विभागीय पेच में फंसा पुनर्निर्माण कार्य जोर न पकड़ने से बारिश के दिनों में स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। जो बरदहवां पावर हाउस को देखने से ही सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग अपने ही कार्यों को लेकर कितना संजीदा रहता है। बता दें कि शनिवार की सुबह से शुरू हुई बारिश में पावर हाउस की छत टपकने से कर्मचारी प्लास्टिक तिरपाल से मशीनों को बचाने में लगे रहे। यही स्थिति कर्मचारियों के आवासीय भवनों की भी रही।
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