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चौरी में पानी का संकट गहराया
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चौरी। भदोही-बाबतपुर मार्ग पर स्थित जिले का महत्वपूर्ण बाजार चौरी पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। हजारों की आबादी वाले बाजार में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है। जेठ की भीषण गर्मी में बोतलबंद पानी खरीद कर या फिर दूर से ढो कर प्यास बुझाई जा रही है। बाजार में आधा दर्जन से अधिक हैंडपंप बंद पड़े हैं और जो चल रहे हैं, उनमें से कई के पानी पीने लायक नहीं हैं।
चौरी-महराजगंज मार्ग और भदोही-बाबतपुर मार्ग पर लगभग दो किलोमीटर के दायरे में फैले बाजार की आबादी 10 हजार से अधिक है, लेकिन, गिनती के सक्षम लोगों को छोड़ दिया जाए तो अधिसंख्य लोगों के लिए पेयजल की पूर्ति करने का एकमात्र सहारा हैंडपंप ही हैं। बाजार में लगे आधा दर्जन से अधिक हैंडपंप खराबी के कारण बंद पड़े हैं। इससे भीषण गर्मी में बाजार वासियों को केवल चार हैंडपंप पर निर्भर होना पड़ रहा है। कई हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोर न होने से पानी दूषित हो गया है। ऐसे में लोगों को पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। बाजार के मुख्य स्थानों बस स्टॉप, चकिया तिराहा, मुख्य चौराहा, स्टेशन रोड और बैंकों के पास लगे हैंडपंप खराबी के कारण बंद पड़े हैं। व्यापारियों और राहगीरों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है। पड़ोसी जिले जौनपुर और वाराणसी के सीमावर्ती गांवों के लोग भी चौरी बाजार पर ही निर्भर रहते हैं, जिससे पूरे दिन बाजार में भीड़ जमी रहती है, लेकिन, पानी की तलाश में राहगीरों को भटकना पड़ता है। दूसरी ओर बाजार वासियों को दूर के हैंडपंपों से पानी ढोकर लाना पड़ता है। बताया जा रहा है कि कई दुकानदार ऐसे भी हैं, जिनको पड़ोस के समर्सिबल पंप से पानी लेने के लिए महीना देना पड़ता है।
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चौरी-महराजगंज मार्ग और भदोही-बाबतपुर मार्ग पर लगभग दो किलोमीटर के दायरे में फैले बाजार की आबादी 10 हजार से अधिक है, लेकिन, गिनती के सक्षम लोगों को छोड़ दिया जाए तो अधिसंख्य लोगों के लिए पेयजल की पूर्ति करने का एकमात्र सहारा हैंडपंप ही हैं। बाजार में लगे आधा दर्जन से अधिक हैंडपंप खराबी के कारण बंद पड़े हैं। इससे भीषण गर्मी में बाजार वासियों को केवल चार हैंडपंप पर निर्भर होना पड़ रहा है। कई हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोर न होने से पानी दूषित हो गया है। ऐसे में लोगों को पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। बाजार के मुख्य स्थानों बस स्टॉप, चकिया तिराहा, मुख्य चौराहा, स्टेशन रोड और बैंकों के पास लगे हैंडपंप खराबी के कारण बंद पड़े हैं। व्यापारियों और राहगीरों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है। पड़ोसी जिले जौनपुर और वाराणसी के सीमावर्ती गांवों के लोग भी चौरी बाजार पर ही निर्भर रहते हैं, जिससे पूरे दिन बाजार में भीड़ जमी रहती है, लेकिन, पानी की तलाश में राहगीरों को भटकना पड़ता है। दूसरी ओर बाजार वासियों को दूर के हैंडपंपों से पानी ढोकर लाना पड़ता है। बताया जा रहा है कि कई दुकानदार ऐसे भी हैं, जिनको पड़ोस के समर्सिबल पंप से पानी लेने के लिए महीना देना पड़ता है।
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