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कागज में पूरा, धरातल पर अधूरा
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ज्ञानपुर/वहिदानगर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना ठेकेदारों की लापरवाही की भेंट चढ़ती जा रही है। कागजों में बिजली विभाग ने काम पूरा कर लिया है जबकि कई गांवों में अब तक योजना धरातल पर नहीं पहुंच सकी है। बानगी के तौर पर डीघ के कई गांवों में अब भी उपभोक्ताओं के घर तक कनेक्शन नहीं पहुंच सका। करीब ढाई से तीन हजार परिवारों को कनेक्शन का इंतजार है। शिकायतों के बाद भी अधिकारी इसको लेकर संजीदा नहीं है।
आजादी के बाद तमाम योजनाओं के माध्यम से गांवों को शत प्रतिशत उर्जीकृत करने का प्रयास किया गया लेकिन हर घर तक बिजली नहीं पहुंच सकी। 2014 में भाजपा की सरकार बनने के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय और हर घर बिजली सौभाग्य योजना से वंचित बस्तियों को रोशन करने की मुहिम शुरू हुई। जिले के 561 ग्रामसभाओं के 1092 राजस्व गांव के एक-एक मजरे तक बिजली पहुंचाने की कवायद शुरू हुई। करीब दो से तीन साल बाद अधिकांश मजरों में खंभे आदि तो लगा दिया गया, लेकिन कई बस्तियां और गांव में अब तक कनेक्शन नहीं मिल सका है। डीघ ब्लॉक के काफी उपभोक्ता आज भी कनेक्शन के लिए परेशान हैं। अधिकृत ठेकेदार अपनी ओर से काम पूरा कर गांव छोड़ चुके हैं जबकि फुलवरिया, उपरवार, डीघ, सदाशिवपट्टी, जगापुर, केवटाही समेत 80 से अधिक ऐसे मजरे हैं जहां घरों तक कनेक्शन नहीं पहुंच सका है। कहीं उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन मीटर चालू नहीं हुए तो कहीं आधार लेने के बाद भी मीटर नहीं लग सका। डीघ ब्लॉक के मनोहरपुर गांव के दलित बस्ती निवासी मुन्नूलाल गौतम, मुरलीधर गौतम, विश्वंभर गौतम ने बताया कि कर्मचारियों को आधार कार्ड और फोटो दिया था। काम चुनाव पूर्व ही पूर्ण हो गया था लेकिन उनका कनेक्शन मीटर आज तक नहीं लग सका। फुलवरिया उपरवार गांव निवासी लालजी यादव, लालचंद यादव, रामराज, लालमणि पाल ,चिंतामणि पाल, अमरनाथ यादव के घर ठेकेदार के लाइनमैन कनेक्शन मीटर कई माह पहले बिना लगाए रख कर चले गए। उपभोक्ताओं की आंखें राह तकते - तकते पथरा गईं लेकिन वे आज तक नही लौटे। डीघ इकलौता ब्लॉक नहीं है। सुरियावां, भदोही, ज्ञानपुर, औराई ब्लॉक के कई गावों में यह स्थिति बनी है। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वर्तमान में जिले में करीब दो लाख बिजली विभाग के उपभोक्ता हैं जिनमें 67 हजार सौभाग्य के शामिल है। सूत्रों की माने तो करीब ढाई से तीन हजार घरों में अब तक बिजली की आपूर्ति नहीं हो सकी है। फुलवरिया गांव में अधूरे कार्य को लेकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि देवीप्रसाद यादव ने अधिशासी अभियंता अमर सिंह को लिखित पत्र देकर शिकायत की लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हो सकी। प्रधान ने चेतावनी दिया कि अविलंब बिजली की आपूर्ति नहीं हुई तो उपभोक्ता सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। अधिशासी अभियंता बिजली अमर सिंह ने कहा कि योजना का काम करीब-करीब पूर्ण हो चुका है। जहां कनेक्शन नहीं हो सका है उसकी शिकायत की जाए। विभाग के कर्मी भेजकर सही कराया जाएगा।
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आजादी के बाद तमाम योजनाओं के माध्यम से गांवों को शत प्रतिशत उर्जीकृत करने का प्रयास किया गया लेकिन हर घर तक बिजली नहीं पहुंच सकी। 2014 में भाजपा की सरकार बनने के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय और हर घर बिजली सौभाग्य योजना से वंचित बस्तियों को रोशन करने की मुहिम शुरू हुई। जिले के 561 ग्रामसभाओं के 1092 राजस्व गांव के एक-एक मजरे तक बिजली पहुंचाने की कवायद शुरू हुई। करीब दो से तीन साल बाद अधिकांश मजरों में खंभे आदि तो लगा दिया गया, लेकिन कई बस्तियां और गांव में अब तक कनेक्शन नहीं मिल सका है। डीघ ब्लॉक के काफी उपभोक्ता आज भी कनेक्शन के लिए परेशान हैं। अधिकृत ठेकेदार अपनी ओर से काम पूरा कर गांव छोड़ चुके हैं जबकि फुलवरिया, उपरवार, डीघ, सदाशिवपट्टी, जगापुर, केवटाही समेत 80 से अधिक ऐसे मजरे हैं जहां घरों तक कनेक्शन नहीं पहुंच सका है। कहीं उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन मीटर चालू नहीं हुए तो कहीं आधार लेने के बाद भी मीटर नहीं लग सका। डीघ ब्लॉक के मनोहरपुर गांव के दलित बस्ती निवासी मुन्नूलाल गौतम, मुरलीधर गौतम, विश्वंभर गौतम ने बताया कि कर्मचारियों को आधार कार्ड और फोटो दिया था। काम चुनाव पूर्व ही पूर्ण हो गया था लेकिन उनका कनेक्शन मीटर आज तक नहीं लग सका। फुलवरिया उपरवार गांव निवासी लालजी यादव, लालचंद यादव, रामराज, लालमणि पाल ,चिंतामणि पाल, अमरनाथ यादव के घर ठेकेदार के लाइनमैन कनेक्शन मीटर कई माह पहले बिना लगाए रख कर चले गए। उपभोक्ताओं की आंखें राह तकते - तकते पथरा गईं लेकिन वे आज तक नही लौटे। डीघ इकलौता ब्लॉक नहीं है। सुरियावां, भदोही, ज्ञानपुर, औराई ब्लॉक के कई गावों में यह स्थिति बनी है। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वर्तमान में जिले में करीब दो लाख बिजली विभाग के उपभोक्ता हैं जिनमें 67 हजार सौभाग्य के शामिल है। सूत्रों की माने तो करीब ढाई से तीन हजार घरों में अब तक बिजली की आपूर्ति नहीं हो सकी है। फुलवरिया गांव में अधूरे कार्य को लेकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि देवीप्रसाद यादव ने अधिशासी अभियंता अमर सिंह को लिखित पत्र देकर शिकायत की लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हो सकी। प्रधान ने चेतावनी दिया कि अविलंब बिजली की आपूर्ति नहीं हुई तो उपभोक्ता सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। अधिशासी अभियंता बिजली अमर सिंह ने कहा कि योजना का काम करीब-करीब पूर्ण हो चुका है। जहां कनेक्शन नहीं हो सका है उसकी शिकायत की जाए। विभाग के कर्मी भेजकर सही कराया जाएगा।
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