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ओएफसी कटा, 100 गांवों में मोबाइल-ब्रॉडबैंड फेल
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सीतामढ़ी। गोपीगंज और जंगीगंज के बीच किसी स्थान पर भूमिगत ओएफसी कट जाने के कारण डीघ क्षेत्र के 100 से अधिक गांव 30 घंटे से सरकारी संचार सेवा से कट गए हैं। बीएसएनएल के लैंडलाइन से लेकर मोबाइल और इंटरनेट सेवा तक ठप पड़ जाने से 50 हजार से अधिक की आबादी झेल गई। इसके चलते निजी संचार सेवा प्रदाताओं के नेटवर्क भी प्रभावित हुए हैं। विभागीय कर्मचारी फॉल्ट ढूंढने और केबल जोड़ने के लिए दोपहर बाद तक लगे रहे।
सरकारी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) कट जाने से जनपद के कई हिस्सों में संचार सेवाओं का बुरा हाल हो गया है। जिले में बीएसएनएल की सेवाओं का पिछले एक वर्ष से बुरा हाल है। मोबाइल आने के बाद से लैंडलाइन सेवा धीरे-धीरे समाप्ति की कगार पर पहुंच गई है। एक तरफ जहां निजी संचार कंपनियां 4-जी नेटवर्क उपलब्ध करा रहीं हैं, वहीं बीएसएनएल अब भी एक सीढ़ी नीचे चल रहा है। किसी तरह रो-रो कर 3-जी नेटवर्क के सहारे गाड़ी हांकी जा रही है। सरकारी क्षेत्र की भरोसेमंद कंपनी से अब उपभोक्ताओं का विश्वास उठता जा रहा है। रविवार को दोपहर लगभग एक बजे नेशनल हाईवे-2 पर सिक्सलेन निर्माण कार्य के चलते भूमिगत ओएफसी केबल कट जाने से बीएसएनएल के जंगीगंज, कोइरौना, सेमराध, ऊंज, बेरवा पहाड़पुर, सीतामढ़ी, कटरा बाजार, धनतुलसी आदि दूरभाष केंद्र और मोबाइल बीटीएस काम करना बंद कर दिए। इसके कारण इन क्षेत्रों के 100 से अधिक गांवों में बीएसएनएल की मोबाइल, इंटरनेट, ब्रॉडबैंड के साथ लैंडलाइन सेवा पूरी तरह ठप हो गई। सोमवार को बैंकों का सर्वर भी प्रभावित रहा और कार्यालयी काम बेहद धीमी गति से हो रहे थे। जरूरी कार्य न हो पाने के कारण उपभोक्ता खीझ उठे। इस बारे में बीएसएनएल के मंडल अभियंता डीएन उपाध्याय ने कहा कि नेशनल हाईवे निर्माण के लोग अक्सर भूमिगत केबल काट देते हैं, जिसके कारण यह समस्या आ गई है। कहा कि 2-जी नेटवर्क में समस्या आई है। केबल जोड़ने का कार्य चल रहा है। शीघ्र ही नेटवर्क चालू हो जाएगा।
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सरकारी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) कट जाने से जनपद के कई हिस्सों में संचार सेवाओं का बुरा हाल हो गया है। जिले में बीएसएनएल की सेवाओं का पिछले एक वर्ष से बुरा हाल है। मोबाइल आने के बाद से लैंडलाइन सेवा धीरे-धीरे समाप्ति की कगार पर पहुंच गई है। एक तरफ जहां निजी संचार कंपनियां 4-जी नेटवर्क उपलब्ध करा रहीं हैं, वहीं बीएसएनएल अब भी एक सीढ़ी नीचे चल रहा है। किसी तरह रो-रो कर 3-जी नेटवर्क के सहारे गाड़ी हांकी जा रही है। सरकारी क्षेत्र की भरोसेमंद कंपनी से अब उपभोक्ताओं का विश्वास उठता जा रहा है। रविवार को दोपहर लगभग एक बजे नेशनल हाईवे-2 पर सिक्सलेन निर्माण कार्य के चलते भूमिगत ओएफसी केबल कट जाने से बीएसएनएल के जंगीगंज, कोइरौना, सेमराध, ऊंज, बेरवा पहाड़पुर, सीतामढ़ी, कटरा बाजार, धनतुलसी आदि दूरभाष केंद्र और मोबाइल बीटीएस काम करना बंद कर दिए। इसके कारण इन क्षेत्रों के 100 से अधिक गांवों में बीएसएनएल की मोबाइल, इंटरनेट, ब्रॉडबैंड के साथ लैंडलाइन सेवा पूरी तरह ठप हो गई। सोमवार को बैंकों का सर्वर भी प्रभावित रहा और कार्यालयी काम बेहद धीमी गति से हो रहे थे। जरूरी कार्य न हो पाने के कारण उपभोक्ता खीझ उठे। इस बारे में बीएसएनएल के मंडल अभियंता डीएन उपाध्याय ने कहा कि नेशनल हाईवे निर्माण के लोग अक्सर भूमिगत केबल काट देते हैं, जिसके कारण यह समस्या आ गई है। कहा कि 2-जी नेटवर्क में समस्या आई है। केबल जोड़ने का कार्य चल रहा है। शीघ्र ही नेटवर्क चालू हो जाएगा।
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