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माया-अखिलेश की जनसभा

Wed, 08 May 2019 12:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2019 12:23 AM IST
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माया-अखिलेश की जनसभा
ज्ञानपुर। बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। कहा कि आजादी के बाद से लगातार देश में कांग्रेस की सरकार रही। गलत नीतियों के कारण कांग्रेस को केंद्र के साथ ही राज्यों से भी बाहर होना पड़ा। भाजपा के बड़े नेता गठबंधन को टूटने की बात कह कर जनता को गुमराह कर रहे थे, लेकिन, पिछले पांच चरणों के चुनाव की वोटिंग ने इनके होश उड़ा दिए हैं। दोनों नेता मंगलवार को यहां गठबंधन प्रत्याशी रंगनाथ मिश्र के समर्थन में आयोजित जनसभा में बोल रहे थे।
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भीड़ का उत्साह देखते हुए चार बार की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि आपका जोश देख कर लगता है कि इस बार आप लोग नमो-नमो वालों की छुट्टी कर देंगे। अंग्रेजों के जाने के बाद देश में लंबे समय तक कांग्रेस की सरकार रही, इस समय भाजपा की सरकार है, लेकिन न तो देश से गरीबी दूर हुई न ही बेरोजगारी। डॉ. आंबेडकर ने दलितों-गरीबों को जो कानूनी अधिकार दिए थे, उसका लाभ भी नहीं मिल रहा है। भाजपा आरएसएस के मकसद को पूरा करने में लगी है, इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। प्रधानमंत्री का नाम लिए बगैर कहा सुना है कि कुछ दिन पहले भाजपा के एक बड़े नेता भदोही आए थे और यह कह कर आपको गुमराह करने का प्रयास किया कि जिले के नाम के आगे से संत रविदास नगर हटा कर अखिलेश ने संत का अपमान किया। अखिलेश पहली बार मुख्यमंत्री बने थे और ब्यूरोक्रेसी का हाल तो सब जानते ही हैं कि कैसे वह मुख्यमंत्री को अपने हिसाब से नचाती है। मैं मोदी जी से यह पूछना चाहती हूं कि यूपी में तो आपकी सरकार भी है तो आपने ही क्यों नहीं जिले का नाम संत रविदास नगर कर दिया। मैं यह भरोसा दिलाती हूं कि अगर गठबंधन की सरकार बनी और प्रदेश में भी सरकार आई तो जिले का नाम संत रविदास नगर कर दिया जाएगा। यह परिवर्तन का गठबंधन है। देश की जनता को धोखा देकर अपने लिए अच्छे दिन लाने वालों के लिए चौंकाने वाले रिजल्ट इस बार आएंगे और गुरु-चेलों के अच्छे दिन जाने वाले हैं। भाजपा सरकार ने गरीबों के वोटों को लुभाने के लिए छह हजार सालाना देने की बात कही, लेकिन यह समस्या का स्थायी हल नहीं है। गठबंधन की सरकार बनी तो गरीब परिवारों को छह हजार की बजाए गैर सरकारी क्षेत्रों में स्थायी रोजगार की व्यवस्था करेंगे। केंद्र में गठबंधन की सरकार बनी तो विधानसभा चुनाव में योगी भी चले जाएंगे और मठ में धूनी रमाएंगे। किसी कीमत पर गठबंधन नहीं टूटेगा, हम लोग असली लोग हैं। महामिलावटी तो वह खुद हैं। कांग्रेस प्रत्याशी रमाकांत का नाम लिए बिना कहा कि वह कहते हैं कि आजमगढ़ में मैं अखिलेश यादव को सपोर्ट कर रहा हूं। अगर इतने ही शुभचिंतक होते तो वह किसी भी दल से चुनाव नहीं लड़ते। यह बीजेपी का षड्यंत्र है। अखिलेश यादव ने कहा कि 2014 में जो वादे करके वह सरकार में आए थे, उनमें से एक भी पूरा नहीं कर पाए। महंगाई बढ़ गई, किसान खुशहाल नहीं हैं। किसानों की बोरी में से भी पांच किलो खाद चोरी कर ली। चाय वाला बनकर आए थे। लोगों का भरोसा लिया और हर वर्ग को धोखा दिया। तंज कसते हुए कहा कि शिक्षामित्रों ने कुछ ज्यादा ही भरोसा कर लिया था। उन्हें बताना चाहता हूं कि मौका मिला तो सम्मान देंगे। जनता से सवाल कि चौकीदार की चौकी छीनोगे कि नहीं। लखनऊ में एक ठोको नीति वाले ठोकीदार बैठ गए हैं। पुलिस को मौका मिला तो जनता को ठोक रही है, जनता को मौका मिला तो पुलिस ठुक रही है। प्रदेश में कानून व्यवस्था नष्ट हो गई है। काला धन खत्म नहीं कर पाए तो अब कहते हैं कि आतंकवाद खत्म कर देंगे। जो देश से आतंकवाद खत्म करना चाहते हैं, वे एक बीएसएफ के जवान से घबरा गए। कांग्रेस भी बीजेपी की तरह चाल चल रही है। गठबंधन टूटने वाला नहीं, जब तक देश में परिवर्तन न आ जाए। रमाकांत के आजमगढ़ में सपोर्ट करने के बयान पर कहा कि इतना ही सम्मान था तो आजमगढ़ में नेताजी के खिलाफ क्यों लड़े। भाजपा बांटो और राज करो की नीति पर चल रही है। उन्होंने भदोही-बाबतपुर फोरलेन, एक्सपो मार्ट, औराई-भदोही फोरलेन आदि का नाम लेकर अपने विकास कार्य भी गिनाए।
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