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जश्ने ईद पर नबी की शान में पढ़े कसीदे
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चौरी। इलाके के वेदमनपुर में जश्ने ईद मिलादुन नबी मंगलवार की रात संपन्न हुई। जिसमें शायरों ने नबी की शान में क़सीदे पढ़े। वहीं उलेमाओं ने तकरीर के जरिये सच्चाई के राह पर चलने की बात कही।
प्रयागराज से आए सैय्यद मंजूर हुसैन चिश्ती ने कहा कि नबी के रास्ते पर चलकर ही ईमान को बचाया जा सकता है। इसके लिये हमें हदीस और कुरआन की रौशनी में आना होगा। क्योंकि बदलाव कामयाबी की एक अहम सीढ़ी है। इसके लिये अख़लाक़ और मुहब्बत का रास्ता अपनाना होगा। जो अल्लाह के नबी मोहम्मद ने पूरी कायनात को बताया। मौलाना समीर और मौला महफूज आलम ने भी नबी के शिरतो पर बयान किया। शायर सद्दाम और फैसल अली ने नबी की शान में कसीदे पढ़े। इस मौके पर इकराम मंसूरी, शाहिल, जहांगीर, किस्मत, फरीद अली, रिजवान फैज, मोबस्सिर रहे।
प्रयागराज से आए सैय्यद मंजूर हुसैन चिश्ती ने कहा कि नबी के रास्ते पर चलकर ही ईमान को बचाया जा सकता है। इसके लिये हमें हदीस और कुरआन की रौशनी में आना होगा। क्योंकि बदलाव कामयाबी की एक अहम सीढ़ी है। इसके लिये अख़लाक़ और मुहब्बत का रास्ता अपनाना होगा। जो अल्लाह के नबी मोहम्मद ने पूरी कायनात को बताया। मौलाना समीर और मौला महफूज आलम ने भी नबी के शिरतो पर बयान किया। शायर सद्दाम और फैसल अली ने नबी की शान में कसीदे पढ़े। इस मौके पर इकराम मंसूरी, शाहिल, जहांगीर, किस्मत, फरीद अली, रिजवान फैज, मोबस्सिर रहे।
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