फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   टीनशेड में चल रही कक्षाएं, खतरे में मासूम - फालोअप

टीनशेड में चल रही कक्षाएं, खतरे में मासूम - फालोअप

Tue, 12 Mar 2019 10:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Mar 2019 10:30 PM IST
विज्ञापन
टीनशेड में चल रही कक्षाएं, खतरे में मासूम - फालोअप

विज्ञापन
ज्ञानपुर। सूबे में जर्जर स्कूल भवनों के चलते होने वाली दुर्घटनाओं के बाद भी अफसर संजीदा नहीं हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों की कृपा से अब भी टीनशेड में कक्षाएं चल रहीं हैं। जिससे हर समय मासूमों की जान खतरे में रहती है। एक-दो नहीं बल्कि 15 से अधिक ऐसे विद्यालय हैं जो टीनशेड एवं जर्जर भवनों में चल रहे हैं। शिक्षा विभाग के आला अधिकारी से लेकर प्रशासन के अफसर भी बीईओ की ओर से भेजी जाने वाली फाइलों को ही देखकर शांत हो जाते हैं।

जिले में 1143 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के अलावा सात सौ से अधिक मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित होते हैं। लखनों में दो माह पहले हुए स्कूल वैन हादसे में तीन बच्चों की मौत के बाद 125 अमान्य स्कूलों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान करीब 70 स्कूलों को मान्यता दे दी गई, जिसमें कई स्कूल तो मानक भी पूरा नहीं कर रहे थे। उदाहरण के रूप में डीघ के दरवांसी गांव में एक स्कूल को मान्यता मिली, जबकि वह अब भी टीनशेड में चल रहा है। इसी तरह ख्योंखर, सुभाषनगर मार्ग, सुरियावां, महराजगंज, कोइरौना, धनतुलसी आदि इलाकों में सील हुए कई अमान्य स्कूल संचालित होने लगे हैं। चौरी बाजार से सटे सड़क किनारे एक विद्यालय संचालित होता है। दशक भर पूर्व उक्त स्कूल ने मान्यता तो ले ली, लेकिन समय के आधार पर उसमें बदलाव नहीं किया गया। इससे अब भी जर्जर दीवारों और टीनशेड के नीचे बच्चे पढ़ने को विवश हैं। इसी तरह 15 से अधिक विद्यालय ऐसे हैं, जिन्होंने पूर्व के मानकों के हिसाब से मान्यता तो ले ली, लेकिन वर्तमान मानक को 10 फीसदी भी पूर्ण नहीं कर रहे हैं। हालांकि शिक्षा विभाग के अफसरों का मानना है कि पूर्व में मान्यता के वही मानक थे, जबकि जानकारों का कहना है कि छात्र-छात्राओं की सहूलियत के हिसाब से स्कूलों में बदलाव करना चाहिए। अगर समय के अनुसार बदलाव नहीं होता तो उनकी मान्यता समाप्त हो जाती है। संयुक्त शिक्षा निदेशक आरके तिवारी ने कहा कि संबंधित स्कूलों की रिपोर्ट मांगी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed