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सैलानियों से गुलजार रहा सीतामढ़ी
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सीतामढ़ी। जिले के धार्मिक स्थल सीतामढ़ी में धीरे- धीरे कुंभ का नजारा दिखने लगा है। प्रयागराज कुंभ से संगम स्नान करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जत्था सीतामढ़ी पहुंच रहा है। देश के कोने- कोने से बिभिन्न भाषा और संस्कृति के लोगों के आगमन से धार्मिक और पर्यटन स्थली सतरंगी संस्कृति से गुलजार है। सैलानियों को सीतामढ़ी खूब भा रही है।
विश्व प्रसिद्ध 108 फीट ऊंचे भगवान हनुमान की मूर्ति का दर्शन कर श्रद्धालु धन्य महसूस करते हैं। इसी तरह सीता समाहित स्थल का दोमंजिला भब्य सीता मंदिर और मंदिर के दोनों तलों पर स्थापित अलग- अलग मुद्राओं में माता रानी की दिव्य मूर्तियों का दर्शन पूजन कर श्रद्धालु भाव विभोर हो जाते है। शंकर की जटा से निकलती जलधारा भी लोगों को आकर्षित करती है। शायंकालीन बेला में फाउंटेन से निकलती पानी की रंग बिरंगी फुहारों का नयनाभिराम नजारा श्रद्धालुओं और सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है। गंगा का पावन तट, महर्षि वाल्मीकि आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम में 127 वर्षीय बयोबृद्ध संत उड़िया बाबा का दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
विश्व प्रसिद्ध 108 फीट ऊंचे भगवान हनुमान की मूर्ति का दर्शन कर श्रद्धालु धन्य महसूस करते हैं। इसी तरह सीता समाहित स्थल का दोमंजिला भब्य सीता मंदिर और मंदिर के दोनों तलों पर स्थापित अलग- अलग मुद्राओं में माता रानी की दिव्य मूर्तियों का दर्शन पूजन कर श्रद्धालु भाव विभोर हो जाते है। शंकर की जटा से निकलती जलधारा भी लोगों को आकर्षित करती है। शायंकालीन बेला में फाउंटेन से निकलती पानी की रंग बिरंगी फुहारों का नयनाभिराम नजारा श्रद्धालुओं और सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है। गंगा का पावन तट, महर्षि वाल्मीकि आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम में 127 वर्षीय बयोबृद्ध संत उड़िया बाबा का दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
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