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पीएम आवास: लाभार्थियों ने मानक का नहीं दिया ध्यान- प्लान की
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ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना में बनने वाले आवासों के निर्माण में कुछ लाभार्थी प्रधान के चक्कर में आकर मानक पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पैसे बचाने के चक्कर में मैटीरियल में कमी करने के बजाए जरूरी सुविधाएं आवास में नहीं बनाई गईं। तीन सत्रों में बन चुके करीब नौ हजार आवासों में मात्र 50 में ऐसी खामियां आई हैं, हालांकि विभाग इन मामलों में सुधार की हिदायत देते हुए सही कराने का निर्देश दिया है।
2016 से शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन सालों में जिले के कुल छह विकास खंडों में 9,123 आवासों का निर्माण कराया गया है। इसमें कई लाभार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने मानक को दर किनार कर आवास का निर्माण करा लिया है। नियम है कि 25 वर्ग मीटर एरिया में आवास का निर्माण कराया जाए। इसमें एक रूम, एक बरामदा और एक किचन का निर्माण अनिवार्य रूप से कराना है। लेकिन, आवास का लाभ पाने वालों में से कुछ ने किचन का निर्माण नहीं कराया है तो कुछ ने अपने पास से पैसे लगाकर मानक से अधिक एरिया में आवास बनवा लिया है। हालांकि अफसरों का मानना है कि पीएम आवास निर्माण के लिए 25 वर्ग मीटर न्यूनतम क्षेत्रफल है। लाभार्थी चाहे तो बैंक से ऋण लेकर आवास को बड़ा बनवा सकता है। योजना में तीन किस्तों में लाभार्थी को एक लाख बीस हजार मिलते हैं। इसके अलावा 15 हजार के करीब मनरेगा का काम करने पर उसे दिया जाता है। सीडीओ हरिशंकर सिंह ने कहा कि निर्धारित मानक से कम एरिया में पीएम आवास का निर्माण नहीं होना चाहिए। अगर कोई लाभार्थी किसी तरह से आवास की साइज बढ़ा ली है तो उसके लिए कोई अपत्ति भी नहीं हैं। लेकिन, इतना जरूर है कि आवास में नक्से के हिसाब से एक रूम, बरामदा के साथ किचन का निर्माण जरूर होना चाहिए। जिन आवासों में अधिक गड़बड़ी की गई है, उन पर कार्रवाई की जा रही है।
2016 से शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन सालों में जिले के कुल छह विकास खंडों में 9,123 आवासों का निर्माण कराया गया है। इसमें कई लाभार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने मानक को दर किनार कर आवास का निर्माण करा लिया है। नियम है कि 25 वर्ग मीटर एरिया में आवास का निर्माण कराया जाए। इसमें एक रूम, एक बरामदा और एक किचन का निर्माण अनिवार्य रूप से कराना है। लेकिन, आवास का लाभ पाने वालों में से कुछ ने किचन का निर्माण नहीं कराया है तो कुछ ने अपने पास से पैसे लगाकर मानक से अधिक एरिया में आवास बनवा लिया है। हालांकि अफसरों का मानना है कि पीएम आवास निर्माण के लिए 25 वर्ग मीटर न्यूनतम क्षेत्रफल है। लाभार्थी चाहे तो बैंक से ऋण लेकर आवास को बड़ा बनवा सकता है। योजना में तीन किस्तों में लाभार्थी को एक लाख बीस हजार मिलते हैं। इसके अलावा 15 हजार के करीब मनरेगा का काम करने पर उसे दिया जाता है। सीडीओ हरिशंकर सिंह ने कहा कि निर्धारित मानक से कम एरिया में पीएम आवास का निर्माण नहीं होना चाहिए। अगर कोई लाभार्थी किसी तरह से आवास की साइज बढ़ा ली है तो उसके लिए कोई अपत्ति भी नहीं हैं। लेकिन, इतना जरूर है कि आवास में नक्से के हिसाब से एक रूम, बरामदा के साथ किचन का निर्माण जरूर होना चाहिए। जिन आवासों में अधिक गड़बड़ी की गई है, उन पर कार्रवाई की जा रही है।
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